चुंबन सचमुच एक नशा है। यह कुदरत के सबसे हसीन तोहफे- मुहब्बत- में प्रेम की पहली सीढ़ी है। इस नशे में इंसान को मदहोश कर देने की अपार क्षमता है। इसीलिए लोग विभिन्न मंचों पर कभी स्वार्थ की खातिर तो कभी परमार्थ के उद्देश्य से इसका विविध रूप से प्रयोग करते पाए जाते हैं।
चुंबन एक खूबसूरत एहसास है, जिसका एहसास हमें जिंदगी के मायने सिखाता है, जीने के काबिल बनाता है जिंदगी को। और प्यार जताने के तरीके को और भी खूबसूरत बना देता है।
हर रिश्ते, हर व्यक्ति के लिए चुंबन का अपना अलग महत्व होता है। जैसे मां का ममता भरा चुंबन जहां रोते बच्चों को हंसा देता है, वहीं दफ्तर से थक कर आए माता-पिता अपनी बेटे-बिटिया की प्यार भरी पप्पी पाकर सारी थकान, गुस्सा, तनाव भूल जाते हैं। और प्रेमी-प्रेमिकाओं का चुंबन तो उनकी इस मुलाकात को गुलाबी रंगत दे जाता है यानी चुंबन का अपना अलग-अलग जगह पर अलग-अलग महत्व होता है।
पुराने समय से चले आ रहे प्रेम के प्रतीक चुंबन को लेकर कई किंवदंतियां आज भी मशहूर हैं। जैसे कि आप सभी को ज्ञात होगा कि ईस्वी सन् 1774 में फ्रांस ने अचानक ही इंग्लैंड पर हमला कर दिया था। उस समय इंग्लैंड उस युद्ध के लिए तैयार नहीं था। अपनी सीमित सैन्य शक्ति के कारण इंग्लैंड में खलबली-सी मच गई। इंग्लैंड का यह हाल था कि न तो वह युद्ध कर सकता था और न ही पीछे हट सकता था।
ऐसी ऊहापोह की स्थिति में वहाँ के युवकों को सेना में भर्ती होने के लिए आह्वान किया गया। लेकिन वहां के युवाओं की ओर से अपेक्षित | चुंबन सचमुच एक नशा है। यह कुदरत के सबसे हसीन तोहफे- मुहब्बत- में प्रेम की पहली सीढ़ी है |
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परिणाम न आता देख वहां की एक सुंदरी मिस डवेच, जिसके रूप की चर्चा पूरे देश में व्याप्त थी और लोग उसकी एक झलक पानेके लिए सदैव उतावले रहते थे, ने घोषणा करवाई कि सेना में भर्ती होने वाले हर युवक का स्वागत वह अपने रस भरे चुंबन से करेंगी। बस..... उसका यह ऐलान करना ही था, कि वहाँ पर सेना में भर्ती होने के लिए युवकों की भीड़ जमा हो गई।
फिल्मी दुनिया ने भी इस बात को अच्छी तरह ताड़ लिया था कि चुंबन और अंग प्रदर्शन एक नशा है और यह नशा बहुत ऊँचे दामों पर बिक सकता है, इसलिए लगभग सभी या यूँ कहें कि हर संभव फिल्मों में खुलेआम चुंबन के साथ-साथ अंग प्रदर्शनों के दृश्यों को दिखाने का प्रयास किया जाता है। इतना ही नहीं, इसका एहसास करवाने के लिए कभी फूलों का एक-दूसरे से स्पर्श, तो कभी पक्षियों को आपस में चोंच लड़ाते दिखाना आदि दृश्य भी हमें इस बात से सरोबार करते हैं कि फिल्मी दुनिया में भी चुंबन का कितना महत्व है।
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