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ऑस्ट्रेलिया में दिवालिया होने के कारण चार कॉलेजों के बंद हो जाने से उसमें शिक्षा ग्रहण कर रहे भारतीय छात्रों सहित करीब दो हजार विदेशी छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।

सिडनी और मेलबोर्न में चार निजी कॉलेज संचालित करने वाले ग्लोबल कैंपस मैनेजमेंट ग्रुप के चार कॉलेजों को दिवालिया होने के कारण बंद कर दिया गया है। इसके कारण इसमें शिक्षा ग्रहण कर रहे सैकड़ों भारतीय छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। ऑस्ट्रेलिया में भारत के उप उच्चायुक्त वीके शर्मा ने कहा- इन चार कॉलेजों के बंद होने से प्रभावित होने वाले छात्रों में करीब 300 भारतीय हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया में कॉलेजों के बंद होने के कारण भारत से यहाँ शिक्षा ग्रहण करने के लिए आने वाले छात्रों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। शर्मा ने कहा-ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने के लिए आने वाले भारतीय छात्रों की संख्या में इस कमी के पीछे शिक्षा तंत्र में भारी पैमाने पर धोखाधड़ी भी एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि विदेशी छात्रों का भरोसा फिर से बहाल करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा तंत्र में सुधार की आवश्यकता है। इस प्रक्रिया में कई वर्षों का समय लग सकता है।

ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा संघ के अध्यक्ष एजेंलो गैवरिएलेटोस ने कहा कि देश में निजी कॉलेजों पर और अधिक नियंत्रण जरूरी है। पिछले कुछ समय से बड़ी संख्या में निजी कॉलेज बंद हुए हैं जिसकी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ी है।
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