एक पाठशाला के दल में तो एक अमेरिकी मूल की छात्रा भी थी। यह प्रतियोगिता बड़ी मनोरंजक रही। सबसे अंत में अच्छी हिन्दी जानने वाले तृतीय, चतुर्थ तथा पंचम स्तर के 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस प्रतियोगिता को शब्द ज्ञान प्रतियोगिता नाम दिया गया। इसमें प्रोजेक्टर के माध्यम से एक शब्द पर्दे पर आता था जिसे प्रतियोगी को सही उच्चारण के साथ पढ़ना पड़ता था। उसका हिन्दी या अँगरेजी में अर्थ बताकर एक वाक्य बनाना होता था। दर्शकों ने इस प्रतियोगिता को साँस रोककर देखा और सुंदर वाक्यों पर ताली बजाकर विद्यार्थियों का प्रोत्साहन बढ़ाया।
प्रत्येक श्रेणी में 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगियों को चुना गया है जो जून 14-15 को होने वाले सप्तम हिन्दी महोत्सव में पुन: अंतिम (फाइनल) प्रतियोगिता में भाग लेंगे। बच्चों को हिन्दी बोलने के लिए प्रोत्साहन देने तथा एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर हिन्दी-यूएसए ने पिछले वर्ष से प्रतियोगिता दिवस का आयोजन प्रारंभ किया था। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष प्रतियोगियों की संख्या में चार गुनी वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस प्रतियोगिता में कुल 480 बच्चों तथा उनके अभिभावकों ने भाग लिया जो न्यूजर्सी, पेंसिलवेनिया, न्यूयॉर्क तथा डेलावेयर के रहने वाले थे। कुल 12 हिन्दी पाठशालाएँ इसमें सक्रिय रहीं तथा अनेक शिक्षकों के अतिरिक्त 25 सक्रिय स्वयंसेवक सुबह से रात तक कार्यक्रम के सुचारु संचालन में लगे रहे। हिन्दी महोत्सव की तरह यह कार्यक्रम भी विशाल रूप लेता जा रहा है जो इस बात का द्योतक है कि लोगों का हिन्दी के प्रति रुझान बढ़ा है।
(साभार- गर्भनाल)
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