भारतीय मूल के बॉबी जिंदल ने अमेरिका के प्रांत लूसियाना के गवर्नर पद की शपथ ग्रहण कर ली है। लूसियाना के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री पास्कल कोलगेरे ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नई आशाओं का जिंदल युग भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक पीयूष बॉबी जिंदल के लिए भारतीय संस्कृति का पर्व मकर संक्रांति ढेर सारी खुशियाँ लेकर आया। इस दिन उन्होंने अमेरिका के लुसियाना प्रांत के गवर्नर पद की शपथ ग्रहण की। उन्होंने लुसियाना के 55वें और सबसे युवा गवर्नर के रूप में अपनी छवि स्थापित कर ली है।
लुसियाना की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पास्कल कोलगेरे ने लुसियाना के रिपब्लिकन बॉबी जिंदल (36) को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण करते समय बॉबी के साथ उनकी पत्नी सुप्रिया और तीनों बच्चे सेलिया (5), शान (3) और 17 माह का स्लेद उपस्थित थे। | | बॉबी जिंदल ने शपथ ग्रहण के लिए मकर संक्रांति के दिन का चयन करके यह प्रदर्शित किया कि वे भारतीय परंपराओं को नहीं भूले हैं। उल्लेखनीय है कि श्री जिंदल के माता-पिता चालीस साल पहले पंजाब से अमेरिका चले गए थे। |
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उन्होंने बाइबल अपने हाथों में लेकर लुसियाना के पहले अप्रवासी गवर्नर के रूप में शपथ ली। इस मौके पर हजारों लोग उपस्थित थे। इस दौरान उन्होंने जनता से वादा किया कि वे 'नए लुसियाना' का निर्माण करेंगे जो स्वप्नदृष्टाओं, चुनौती लेने वालों, आविष्कारकों और नेताओं को चुंबक की तरह अपनी ओर आकर्षित करने का कार्य करेगा और अमेरिका में नई अर्थव्यवस्था को जन्म देगा।
श्री जिंदल ने 11 उम्मीदवारों को हराकर इस पद को प्राप्त किया है। इसकी वजह यह है कि श्री जिंदल ने इस दक्षिणी राज्य के विकास के लिए भारीभरकम योजनाएँ बनाई हैं। माना जा रहा है कि श्री जिंदल का युग महान आशाओं का युग होगा।
मकर संक्रांति ही क्यों? बॉबी जिंदल ने शपथ ग्रहण के लिए मकर संक्रांति के दिन का चयन करके यह प्रदर्शित किया कि वे भारतीय परंपराओं को नहीं भूले हैं। उल्लेखनीय है कि श्री जिंदल के माता-पिता चालीस साल पहले पंजाब से अमेरिका चले गए थे।
अपनी प्रारंभिक शिक्षा यहाँ पूरी करने के बाद वे रोडस वजीफे पर ऑक्सफोर्ड पढ़ने चले गए। किसी भी अमेरिकी राज्य में गर्वनर के पद पर आसीन होने वाले वे भारतीय मूल के पहले नागरिक हैं।
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