पिछले दिनों ओस्लो, नार्वे के सिटी हॉल में मेयर फिन क्रिस्तियानसेन द्वारा लेखक सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें ओस्लो नगर पार्लियामेंट में चार वर्ष की सदस्यता के रूप में िकए गए कार्य पर विदाई समारोह में दिया गया। सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' ने हिंदी, पंजाबी, तमिल भाषा को मान्यता दिलाने, प्रवासी बुजुर्गों के लिए अधिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने, कार्य स्थल पर भेदभाव को समाप्त किए जाने जैसे कई महत्वपूर्ण सवाल उठाएँ और उन्हें बहुत हद तक हल भी कराया। | हिंदी भाषा के सुपरिचित लेखक होने के अलावा उन्होंने नार्वेजीय साहित्य में भी कदम रखा है। उल्लेखनीय है कि श्री सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' गत 27 वर्षों से नार्वे में रहकर हिंदी साहित्य और पत्रकारिता की सेवा कर रहे हैं। |
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हिंदी भाषा के सुपरिचित लेखक होने के अलावा उन्होंने नार्वेजीय साहित्य में भी कदम रखा है। उल्लेखनीय है कि श्री सुरेशचंद्र शुक्ल 'शरद आलोक' गत 27 वर्षों से नार्वे में रहकर हिंदी साहित्य और पत्रकारिता की सेवा कर रहे हैं। उनके कृतित्व, व्यक्तित्व एवं संपूर्ण अवदान को उजागर करने की दृष्टि से उन पर एक अभिनंदन ग्रंथ भी प्रकाशित किया जा रहा है।
उन्होंने विभिन्न पदों पर चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन किया जिनमें ओस्लो नगर कौंसिल में काउंस्लर, पर्यावरण और यातायात समिति के सदस्य आदि प्रमुख हैं। दुनिया भर में आपको अनेकों बार पुरस्कृत किया गया है।
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