जाने-माने कवि मनोहरलाल रत्नम् को प्रज्ञा साहित्यिक मंच की ओर से उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए प्रज्ञा सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें यह सम्मान उनके 60वें जन्मदिन पर आयोजित एक समारोह में मंच के महासचिव हरनाम शर्मा ने प्रदान किया।
इस अवसर पर 'साठोत्तरी कवि सम्मेलन' का आयोजन भी किया गया, जिसमें अनेक सुपरिचित कवियों ने जहाँ अपने काव्यात्मक सुमनों से रत्नम् को बधाई दी वहीं उपस्थित जनसमुदाय का मन भी मोह लिया। | | जाने-माने कवि मनोहरलाल रत्नम् को प्रज्ञा साहित्यिक मंच की ओर से उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए प्रज्ञा सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें यह सम्मान उनके 60वें जन्मदिन पर आयोजित एक समारोह में मंच के महासचिव हरनाम शर्मा ने प्रदान किया। |
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इस समारोह की अध्यक्षता डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमाशंकर श्रीवास्तव, बलदेव सपरा, चमनलाल चावला एवं हंस क्लब के प्रधान सुरेंद्र सिंह की अतिरिक्त खैरातीलाल सचदेवा, अम्बरीश कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे।
विभिन्न संस्थाओं और मित्रों द्वारा अभिनंदन किए जाने से मनोहरलाल 'रत्नम्' ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए 'जीवन में हर प्राणी को आमोद मिले-प्रमोद मिले। मेरा यदि जन्म दोबारा हो तो भारत माँ की गोद मिले।' पंक्तियों के माध्यम से माँ भारती की वंदना की।
साभार - गर्भनाल
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