- इला प्रसाद
राँची विवि से भौतिकी में स्नातकोत्तर की डिग्री और काशी हिन्दू विवि से भौतिकी में पीएचडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई से सीएसआईआर की शोधवृत्ति पर शोध परियोजना के तहत कुछ वर्षों तक शोध कार्य। कविता संग्रह 'धूप का टुकड़ा' और 'इस कहानी का अंत नहीं' प्रकाशित।
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी समिति, हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रचार से जुड़ी अमेरिका की पहली संस्था है। इस संस्था की एक विशिष्ट परम्परा रही है, वह है अमेरिका में कवि सम्मेलनों का आयोजन। इस आयोजन के एक चरण में यह समिति भारत से कुछ चुने हुए हास्य कवियों को आमंत्रित करती है और विभिन्न शहरों में उनके कवि सम्मेलन होते हैं।
इस वर्ष भी यह आयोजन उत्तरी अमेरिका के पंद्रह शहरों में हो रहा है। भारत से तीन जाने-माने हास्य कवि सुनील जोगी, गजेन्द्र सोलंकी और डॉ. सुरेश अवस्थी इस वक्त अमेरिका के दौरे पर हैं। ये विभिन्न शहरों में अपने कार्यक्रमों से हिन्दीप्रेमी जनता का भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही भाषाप्रेम और देशप्रेम का संदेश भी प्रसारित कर रहे हैं। यह सिलसिला अभी चल ही रहा है।
इन्हीं सम्मेलनों के दौरान नार्थ कैरेलाइना, मॉरिसविल में एक इतिहास और रचा गया जब इस कवि सम्मेलनों की श्रंखला की प्रमुख सूत्रधार सुधा ओम ढींगरा ने कवियों की इस त्रिमूर्ति को 'प्रवासी आवाज' के विमोचन के लिए आमंत्रित किया। मॉरिसविल के हिन्दू भवन में 11 अप्रैल रात 8 बजे हिन्दी विकास मंडल नार्थ कैरेलाइना की अध्यक्ष श्रीमती सरोज शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलन और सुधा ढींगरा द्वारा कवियों के परिचय के बाद पहली गतिविधि थी, 'प्रवासी आवाज' का लोकार्पण। बहुत बड़ी संख्या में हिन्दीप्रेमी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। यह कार्यक्रम भी अत्यधिक सफल रहा।
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