भारतीय मूल के डॉक्टरों ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई जीती है। हाउस ऑफ लॉर्ड्स ने व्यवस्था दी है कि स्वास्थ्य सेवाओं में रोजगार के लिए विदेशी विशेष रूप से भारतीय स्नातकों के साथ भेदभाव करने वाला सरकार का कानून गलत है।
इससे 8 हजार भारतीय डॉक्टरों को राहत मिली है। ब्रिटेन की सर्वोच्च न्यायिक संस्था ने अपने फैसले में ब्रिटिश एसो. ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडियन ओरिजिन के पक्ष में कोर्ट के पिछले आदेश के खिलाफ सरकार की अपील ठुकरा दी।
अप्रैल 2006 में अस्पतालों को आदेश जारी किए गए थे कि वे गैर योरपीय संघ डॉक्टरों को तभी नियुक्त करें, जब योरपीय डॉक्टर उपलब्ध नहीं हों। हॉउस ऑफ लॉर्ड्स ने कहा कि यह आदेश विदेशी स्नातकों के साथ भेदभावपूर्ण है।
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