इस वर्ष 10 जनवरी को लंदन में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन यहाँ सभी उपस्थित जनों के लिए एक विशेष अनुभव वाला था, क्योंकि भारतीय उच्चायोग लंदन, यू.के. में कार्यरत हिन्दी विद्वानों का सम्मान कर रहा था। यह अपने आप में एक अनूठा था। इन सम्मानों की घोषणा विश्व हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में की गई थी, जो कि 10 जनवरी को विश्व भर में मनाया जाता है। इन सम्मानों की शुऱुआत वर्ष 2006 से की गई थी, जिसके अंतर्गत मानपत्र एवं शॉल पहनाने का काम मंत्री-समन्वय श्री रजत बागची ने स्वयं किया। हिन्दी के जाने माने कथाकार श्री तेजेन्द्र शर्मा को इस कार्यक्रम में डॉ. हरिवंश राय बच्चन सम्मान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष तेजेन्द्र शर्मा की कहानी संकलन बेघर आँखे, कविता संग्रह ये घर तुम्हारा है एवं अंग्रेज़ी की पुस्तक ब्लैक एण्ड व्हाइट का प्रकाशन हुआ था। इस के साथ साथ तेजेन्द्र शर्मा के तीन अनुवादित संकलन उर्दू, नेपाली एवं पंजाबी भाषाओं में प्रकाशित हुए। उन्हें भारत में संकल्प सम्मान एवं तितली पत्रिका सम्मानों से भी नवाज़ा गया। तेजेन्द्र शर्मा कथा यू.के. एवं फ़िल संस्था के महासचिव भी हैं। इसी कार्यक्रम में हिन्दी के शिक्षक श्री वेद मित्र मोहला को जॉन गिलक्रिस्ट यू के हिन्दी शिक्षण सम्मान से नवाज़ा गया। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी यू के हिन्दी पत्रकारिता सम्मान 05 नवम्बर, 1989 से अपने हिन्दी प्रसारण के माध्यम से दक्षिण एशियाई श्रोताओं में अतिलोकप्रियता प्राप्त करने वाले सनराइज रेडियो को दिया गया। फ्रेडरिक पिन्काट यू के हिन्दी प्रचार प्रसार सम्मान : लन्दन की यू के हिन्दी समिति को प्रदान किया गया। इसी अवसर पर सोआस में कार्यरत डा. फ़्रैंचेस्का ऑरसीनी का भी सम्मान किया गया। विश्व हिन्दी सम्मेलन, न्युयॉर्क के दौरान डा. ऑर्सीनी, भारत में अपने शोध कार्य के चलते, सम्मान ग्रहण करने के लिये नहीं पहुंच पाईं थीं। श्री रजत बागची ने उन्हें उनका सम्मान भारत सरकार की ओर से इस अवसर पर भारत भवन में प्रदान किया।
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