असगर वजाहत का नाटक लाहौर नहीं देखा... यूँ तो वॉशिंगटन नगरों में सन् 1992 और सन् 1996 में पहले भी खेला जा चुका है लेकिन इस बार उसकी प्रस्तुति कई और कारणों से भी उल्लेखनीय बन गयी। इस नाटक की, जो इस वर्ष भारत सहित कुछ अन्य देशों में भी खेला जाने वाला है, 20वीं सालगिरह की उद्घाटन प्रस्तुति थी। इसे देखने के लिए असगर वजाहत भारत से आए थे...
किसी स्कूल के पुराने विद्यार्थियों का बरसों बाद मिलना अब परंपरा सी हो गई है। अमेरिका निवासी ऐसे भारतीयों को एक मंच पर लाने की पहल भारत के दस पब्लिक स्कूलों ने की है। न्यूयॉर्क में यह काम...
क्या 2012 में धरती पर प्रलय आएगा? यह सवाल पूरी दुनिया के लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। हालाँकि ज्यादातर लोगों का मानना है कि पहले छोड़े गए शिगूफों की तरह इस बार भी 'प्रलय का डर'महज अफवाह बनकर रह जाएगा। इस बारे में ज्योतिष्यविद् व अंकशास्त्रियों का कहना है कि आप घबराएँ नहीं। यह सिर्फ अफवाहों का दौर है। लोगों में एक डर और घबराहट है, लेकिन इससे डरने..