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जो पाक हैं, लड़ाई पर आमादा हैं
मुकेश पोपल
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जो लोग पाक होते हैं, वही पवित्र होते हैं। वही समाज की चिंता करते हैं।वही सबसे ज्‍यादा समझदार होते हैं। वही लोकतंत्र के हितैषी होते हैं। वही अपने ईश्‍वर की पूजा तल्‍लीन होकर करते हैं।वही अपनी इज्‍जत को महफूज रखना जानते हैं। उनका कोई बाल-बांका नहीं कर सकता। उन्‍हें कोई वाद-विवाद में हरा नहीं सकता। उनको किसी भी बंदे से डर नहीं लगता । जानवरों और पशु-पक्षियों को पालना उनकी विशेष खूबी कही जा सकती है।

उनकी पसंद के खाने में नॉन-वेज नहीं होता । वह लोग कभी अपना बयान नहीं बदलते। वह अपनी जान पर खेलकर अपने दोस्‍तों की रक्षा करते हैं। अपने पड़ोसियों का पूरा ख्‍याल रखते हैं। वह जंगलियों की तरह हो-हल्‍ला नहीं करते। वह बादशाह और गुलाम में फर्क नहीं समझते। उनके लिए इंसान इंसान होता है। सच में जो पाक होते हैं, वही महान होते हैं ।

पाक लोग को भड़काना इतना आसान नहीं होता। वह मन के पक्‍के होते हैं। वह लोगों की बातों में नहीं आते। वह दुश्‍मनों को भी दोस्‍त बनाने की कला में माहिर होते हैं। हर आदमी इस तनाव भरी जिंदगी में कुछ पल हंसना-खेलना चाहता है इसलिए पाक लोगों का दोस्‍त बन जाता है। हर आदमी जानता है कि पाक लोग कभी भी झूठी बातों पर विश्‍वास नहीं करते। पाक लोगों पर भरोसा आसानी से किया जा सकता है सिर्फ इसलिए कि वह किसी का भी भरोसा नहीं तोड़ते।

लड़ाई कोई बच्‍चों का खेल नहीं होता। हथियार चलाना तो दूर, उसे देख लेने से भी बहुत से लोगों को दौरा पड़ जाता है। हथियार चलाने के लिए दानवी जिगर भी तो चाहिए। हथियार रखना और चलाना इंसानों के बस का नहीं होता। पाक लोगों का भला हथियारों से क्‍या काम। वह तो अहिंसा के पुजारी होते हैं। जो लड़ाई प्रेम से जीती जा सकती है, वहाँ भला दुश्‍मनी की दुकानदारी करने से क्‍या फायदा?

पाक लोग ही तो थे, जिन्‍होंने गाँधी जी को अहिंसा के रास्‍ते पर चलना सिखाया। पाक लोगों ने ही गाँधी जी का साथ दिया और अंग्रेज अपने घर वापस भाग गए। भाग तो गए मगर जाते-जाते पाक लोगों को समझा गए कि हथियार नहीं उठाना। हथियार तो वह लोग उठाते हैं जो बातचीत का रास्‍ता नहीं जानते । हथियार तो सपनों में भी अच्‍छे नहीं लगते। हथियार तो अजायबघर का गहना होता है। वीर लोगों का हथियारों से कुछ लेना-देना नहीं होता। बहादुर लोग सिर्फ बातचीत का ही माध्‍यम अपनाते हैं जैसे अंग्रेजों के विरूद्ध अपनाया ।

दुनिया में कोई अपवाद नाम की भी चीज होती है, जिस पर सभी भरोसा करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पाक लोगों पर भरोसा । तो अपवाद यह है कि पाक लोगों में भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पाक नहीं होते। इस बात को यूँ कहा जा सकता है कि इंसानों की दुनिया में जिस तरह से कुछ लोग भगवान होते हैं, ठीक उसी तरह कुछ लोग शैतान भी होते हैं। इन शैतान लोगों को अक्‍सर सभी लोग पसंद करने लगते हैं। अब इसके तो बहुत से कारण हो सकते हैं। यह शैतान लोग सबको लालच देते हैं, धन-दौलत का, जमीन-जायदाद का और न जाने किस-किस चीज का।

इस लालच में पड़कर इनकी संगत में आने वाले प्राय: सभी लोग अपना-अपना दीन-ओ-ईमान खो बैठते हैं। उन पर एक नशा छा जाता है। दुनिया पर हावी होने की प्रबल इच्‍छा उन के मन में जाग जाती है। वह कभी हिटलर बन जाते हैं तो कभी नादिरशाह। कभी-कभी गैर जिम्‍मेदार बनकर भी वह मनमानी करने लगते हैं। उनका हौंसला तब बढ़ जाता है जब हमारे जैसे कमजोर लोग उनके बहकावे में आ जाते हैं। मिट्टी, हवा, पानी, आकाश, अग्नि, यह सब शैतान लोग अपने कब्‍जे में ले लेना चाहते हैं।

  दुनिया में कोई अपवाद नाम की भी चीज होती है, जिस पर सभी भरोसा करते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पाक लोगों पर भरोसा । तो अपवाद यह है कि पाक लोगों में भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पाक नहीं होते।      
अपनी आँखों पर पट्टी बाँधकर चल पड़ते हैं। अपना जोर दिखाने के लिए, जो भी सामने आता है, उसे हटाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोग पाक नहीं होते। उनमें हौंसला नहीं होता। उनमें बात करने का साहस नहीं होता।

वह अंधे हो जाते हैं क्‍योंकि उनको अंधा बना दिया जाता है। आइए, दुआ करें कि ऐसे पाक और शैतान लोगों में जो फर्क है, व‍ह सबको समझ आ जाए और कम से कम पाक लोग लड़ाई पर आमादा न हों।
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