- अनुवाद : इंदुप्रकाश कानूनगो उद्योग और व्यापार की दुनिया के लिए क्रिसमस का दिन और उसके पूर्ववर्ती हफ्तों का समय इतना आलीशान होता है, कि जितना दूसरा कोई वक्त नहीं हो सकता। सड़कों पर पहाड़ी बीन-बाजों के रोमांचक स्तर गूँजते हैं। बड़ी कंपनियाँ, जो कल तक सकल उत्पादों और लाभांशों की गणना में अनमने व्यस्त रहीं, वे अब मानवीय अनुरागों और मुस्कुराहटों के लिए अपने दिल खोल देती हैं। संचालक मंडलों का पूरा ध्यान अब अपने हमराहियों का मन प्रसन्न रखने में लगा रहता है। वे दूसरी कंपनियों और विशेष व्यक्तियों को शुभकामना-संदेशों में लिपटे उपहार भेजते हैं।
हर फर्म किसी दूसरी फर्म को उपहारस्वरूप कुछ देने के इस्तेमाल में लेने के लिए किसी तीसरी फर्म के उत्पादों की खूब बड़ी तादाद खरीदने में लगी रहती हैं। वे फर्में अपने तईं किसी और ही फर्म से दूसरों के देने के उपहारों की ज्यादा ही बड़ी मात्रा खरीदती हैं। उनके कार्यालयों की खिड़कियाँ देर रात तक प्रदीप्त रहती हैं। विशेषकर नौपरिवहन विभाग की, कि जहाँ के कर्मचारी अपनी पाली के निर्धारित से अधिक समय पुलिदों और डिब्बों पर आवरण लपेटते जाते हैं। धुँधले शीशों के पार बर्फ की परत बिछे फुटपाथोंपर बीन वादक गाते-बजाते चलते हैं।
भेदभरे स्याह पर्वतों से नीचे उतर नगर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र में पहुँच, चौराहों की अतिशय रोशनियों से, और अत्यधिक भड़कीले विज्ञापनों से किंचित चौंधियाए वे, शीश नवा मुँह फुला, अपने वाद्य बजाते हैं। उस धुन पर व्यवसायियों केबीच स्वर्थों की भारी मुठभेड़ें थम जाती हैं। यद्यपि किसी नई प्रतिस्पर्धा में जा उपजती हैं। यों, कि कौन कितने अधिक आकर्षक ढंग से सर्वाधिक उत्कृष्ट और अनोखी भेंट प्रस्तुत करता है। | | मिसलेतो और हॉली के पौधों की कोमल डंठलों से सजे और बढ़िया-बढ़िया रिबनों से बँधे और नाना रंगों के कागजों में लिपटे पूड़ों लदी मोटरसाइकल-ट्रक पर सांता क्लाज का रूप धरा मार्कोवाल्दो नगर में चला। सफेद सूती दाढ़ी उसे जरा चुभती। |
| |
स्वाव एंड कंपनी का जनसंपर्क अधिकारी अपने संचालक मंडल को सुझाता है, कि अत्यधिक महत्वपूर्ण व्यक्तियों के लिए क्रिसमस उपहार सांता क्लाज का स्वांग धरे आदमी द्वारा भेजे जाएँ।
संस्था का आलाकमान सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव मान लेता है। सांता क्लाज की नख-शिख से सांगोपांग साज-सज्जा, श्वेत दाढ़ी, लाल टोपी और श्वेत रोएँ की झालर लगी कुर्ती, लंबी जूतियाँ भी खरीदी जाती हैं। इस वेशभूषा को कंपनी के कतिपय सेल्समैनों पर आजमाया गया, यह देखने कि सर्वश्रेष्ठ ढंग से वह किस पर जँचेंगी। लेकिन या तो कोई नाटा निकला कि दाढ़ी जमीन छूती या फिर कोई ज्यादा ही मोटा-तगड़ा कि उसकी देह में कुर्ता नहीं फँसा।
तीसरा कोई इतना जवान, कि छोकरा दिखे, तो चौथा खूब बूढ़ा। इतना बूढ़ा, कि उस पर बनाव-श्रृंगार आजमाना व्यर्थ होता। विपणन विभाग ने चाहा कि सांता जहाज के भीतर भी घूमे, विज्ञापन विभाग ने कंपनी के नाम के प्रचार बाबद अपनी चिंता दर्शाते सुझाया कि स्वाव अक्षरों से सज्जित दो फुग्गे किसी रस्सी पर ऊँचे लटकाए जाएँ।
जहाज के भू-परिवहन विभाग में मार्कोवाल्दो के हाथों बढ़िया माल गुजरता, क्योंकि वहाँ पण्यों के लदान और उतार दोनों होते। हालाँकि वह सामान्य आनंदोत्सव में नाना सौदों के महज उतार-चढ़ाव ही में हिस्सा ले प्रसन्ना नहीं हो रहा था, बल्कि इस ख्याल में भी मनमुदित थाकि हजारों-हजार पूड़ों-पेटियों के इस भूल-भूलैया के निपटारे के बाद, केवल उसी की बाट जोहता एक पूड़ा, यानी जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार उपहार उसके समक्ष होगा।
वह कुछ और सोचकर भी खुश था, यों कि महीने बाद क्रिसमस बोनस और अतिरिक्त अवधि काम करने कीमजूरी मिला, अच्छी-खासी पगार उसके हाथ आएगी। उस पैसे से, वह भी ये वो दुकानें दौड़ ये वो खरीद, अपनी दिली भावनाओं के रूप में और उद्योग एवं व्यापार के सामान्य सौजन्य स्वरूप, उपहार पेश करेगा।
|