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सूर्ख गुलाब के पीले पराग की तरह
फाल्गुनी
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सूर्ख गुलाब के
पीले पराग की तरह
बिखर गया तुम्हारा प्यार
बेवक्त गाए बेसुरे राग की तरह।

नीले पंछी के
ूरे नीड़ की तरह
ढूँढ रही हूँ कोई साथ
सुनसान आशियाने की पीर की तरह।

मेहँदिया बालों की
नशीली महक की तरह
शायद कोई आए अब
सुहानी भोर की उजली चमक की तरह।
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