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नया साल...
प्रियंका पांडेय
नई है आशा
नया सवेरा
नया-नया उल्लास
नए साल की
नई बात है
नया है प्रातः काल

नए हैं मन के
कोमल भाव
नया पुष्प है
नया पल्लवन
नया लगे संसार

नया गगन है
नई चाह है
नए-नए अरमान
नए साल पर
नए हैं सपने
और नया संसार...।

और भी
सदाचार सद्भाव खो गए...
ख़ामोशी...
माँ
प्रतीक्षा
अस्तित्‍व
जान से प्यारा