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डॉ. ओम जोशी

पंछी गीत सुनाते हैं
नया सबेरा लाते हैं

गौरैया, कोयल, प्रिय तोते।
सहज लगाते नभ में गोते।।
वे इठला इतराते हैं।
नया सबेरा लाते हैं।। पंछी गीत ...

तीतर, बगुले, सारस, मोर।
अतिप्रसन्न आते ही भोर।।
सबका मन बहलाते हैं।
नया सबेरा लाते हैं।। पंछी गीत ...

रवि के पहले विहग जागते।
पर्वत, नदियाँ, ताल लाँघते।।
सारा जगत जगाते हैं।
नया सबेरा लाते हैं।। पंछी गीत ...

'जल्दी उठना' - दे संदेश।
खग रचते गतिमय परिवेश।।
सायं फिर घर आते हैं।
नया सबेरा लाते हैं।। पंछी गीत ...
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