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लाल बनेंगे
ND

आठ बजे हम पढ़ने बैठे

बारह बजा कभी का

लेकिन जितना काम मिला था

पूरा हुआ कभी का

हम सब सात-आठ साथी हैं

कक्षा दो में पढ़ते

साथ खेलते, बड़े मेल से

कभी नहीं, हम लड़ते

लाल बनेंगे हम भारत के

करना है कुछ ऐसा

नाम हमारा भी चमकेगा

सूरज चंदा जैसा।
और भी
मेला
भारत की शान तिरंगा!
'ऊँचा करो तिरंगा प्यारा'
देश हमारा है
तितली आई
चल पड़ी पतंग