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'ऊँचा करो तिरंगा प्यारा'
- महेश साकल्ये
ND

एक दिन चीकू भैया
गया पापा के पास,
चाकलेट के पैसे मिलेंगे,
मन में थी यह आस।

पापा बोले चीकू बेटे,
चाकलेट नहीं खाना,
होंगे दाँत खराब,
आपके दाँतों को न सड़ाना।

दूध पियो फल-सब्जी खाओ,
करो संतुलित आहार,
खराब चीजें खाकर न करो
सेहत पर प्रहार।

पौष्टिक चीजें सदा तुम खाओ,
चाय नहीं तुम पीना,
खीर-पूरी, हलवाप्यारा,
रबड़ी-मलाई खाना।

स्वस्थ तन में रहता है,
सदा ही स्वस्थ मन,
देशहित देशभक्त बनकर,
तन-मन करना अर्पण।

खेलो कूदो शक्तिमान बनाओ
अपना तन-मन प्यारा,
ऊँचा करो हिन्द को अपने,
ज्ञान प्राप्त कर सारा।

गूँजा दो संपूर्ण विश्व में,
राष्ट्रगान 'जन-गण-मन',
ऊँचा करो 'तिरंगा' प्यारा,
'महेश' करो राष्ट्रवंदन।
और भी
देश हमारा है
तितली आई
चल पड़ी पतंग
सर-सर-सर-सर उड़ी पतंग
नया साल मनाओ
जंगल में नववर्ष