- अखिलेश बात मेरे मामाजी के विवाह के समय की है। जब दुल्हन को बिदा किया जा रहा था तो उनके पीछे उनके परिवार व आस-पड़ोस की महिलाएँ चल रही थीं।
एक महिला की गोद में दो-ढाई वर्ष का बच्चा भी था। सभी की तरह उसकी मम्मी की आँखों से भी आँसू बह रहे थे। | | बच्चे ने अपनी मम्मी के गाल पर जोर से चपत लगाई और अपनी तुतलाती भाषा में कहा- तू क्यों लो लही है? क्या तेली भी छादी हो रही है? इतना सुनते ही गमगीन माहौल ठहाके में बदल गया। |
| |
यह देख उस बच्चे ने अपनी मम्मी के गाल पर जोर से चपत लगाई और अपनी तुतलाती भाषा में कहा- तू क्यों लो लही है? क्या तेली भी छादी हो रही है? इतना सुनते ही गमगीन माहौल ठहाके में बदल गया।
|