- डॉ. डीपी अग्रवाल भारतीय महिलाओं में यह आम समस्या प्रायः बिना चिकित्सा के ही रह जाती है। सबसे बुरी बात यह है कि इसे महिलाएँ अत्यंत सामान्य रूप से लेकर ध्यान नहीं देती, छुपा लेती हैं जिससे कभी-कभी गर्भाशयगत कैंसर होने की भी संभावना रहती है।
प्रारंभ में ध्यान देकर चिकित्सा की जाए तो निश्चित ठीक होता है किन्तु उपेक्षा करने पर, काफी देर से चिकित्सा करने पर गंभीर या असाध्य भी हो सकता है। अधिकांश मामलों में यह देखने में आया है कि इस बीमारी को योग्य चिकित्सक से इलाज कराने के बजाए लोग नीम हकीमों के पास जाना पसंद करते हैं।
योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होना आज मध्य उम्र की महिलाओं की एक सामान्य समस्या हो गई है। सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी जाना, श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया कहा जाता है। आयुर्वेद में काश्यप संहिता में वर्णित कौमार भृत्य (बालरोग) के अंतर्गत बीस प्रकार की योनिगत व्याधियों का वर्णन है जिसमें से एक 'पिच्छिला योनि' के लक्षण पूर्णतः ल्यूकोरिया से मिलते हैं। प्रदर या योनिगत स्राव दो प्रकार का है। एक सफेद पानी जाना दूसरा योनि मार्ग से माहवारी के रूप में अत्यधिक- अधिक दिनों तक (4-5 दिन से ज्यादा) या बार-बार रक्त स्राव होना रक्तप्रदर है।
श्वेत प्रदर वास्तव में एक बीमारी न होकर किसी अन्य योनिगत गर्भाशयगत व्याधि का लक्षण है या सामान्यतः प्रजनन अंगों में सूजन का बोधक है। सफेद पानी के साथ सबसे बुरी बात यह है कि इसे महिलाएँ अत्यंत सामान्य रूप से लेकर ध्यान नहीं देती छुपा लेती हैं जिससे कभी-कभी गर्भाशयगत कैंसर होने की भी संभावना रहती है। | | योनि मार्ग से सफेद, चिपचिपा गाढ़ा स्राव होना आज मध्य उम्र की महिलाओं की एक सामान्य समस्या हो गई है। सामान्य भाषा में इसे सफेद पानी जाना, श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया कहा जाता है। आयुर्वेद में काश्यप संहिता में बीस प्रकार की योनिगत व्याधियों का वर्णन है। |
| |
कैंसर का एक सर्व स्वीकृत कारण किसी भी अंग पर लंबे समय तक घर्षण होना है। अतः श्वेत प्रदर है तो एक सामान्य लक्षण है जिसकी ओर प्रारंभ में ध्यान देकर चिकित्सा की जाए तो निश्चित ठीक होता है किन्तु उपेक्षा करने पर, काफी देर से चिकित्सा करने पर गंभीर या असाध्य भी हो सकता है।
चिकित्सा क्या है? यदि सफेद पानी के कारणों को देखें तो इसमें महिला का शर्म के आवरण में लिपटा होकर अपनी तकलीफ को अपने पति से भी छुपाना है। श्वेत प्रदर या सफेद पानी का मुख्य कारण अस्वच्छता है। जिसे निम्नानुसार दूर किया जा सकता है।
* योनि स्थल की पर्याप्त सफाई रखना।
|