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'सायलेंट किलर' है स्तन कैंसर
किसी अच्छे इन्वेस्टिगेशन सेंटर में सालाना परीक्षण के दौरान मैमोग्राफी से भी इसका पता चल जाता है। मैमोग्राफी से स्तनों का सूक्ष्मतम एक्सरे लिया जाता है। इससे स्तन की छोटी से छोटी गठान का पता लग जाता है। दरअसल स्तन कैंसर को प्राथमिक अवस्था में पकड़ने से जान का जोखिम कम हो जाता है। इस स्थिति में उपचार भी अधिक कारगर होता है। स्तन कैंसर के 80 प्रतिशत मामलों में यह दूसरी और तीसरी अवस्था में ही पकड़ में आता है।

कैंसर के उपचार की उपयोगिता उसकी अवस्था पर केंद्रित होती है। यदि प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की गठान की जानकारी मिल जाए तो स्तन को भी बचाया जा सकता है। कई परिस्थितियों में स्तन को निकालना ही मरीज के हित में होता है।

भ्रांति :
स्तन कैंसर सिर्फ अधिक उम्र की महिलाओं को होता है।

तथ्य :
यह किसी भी उम्र में हो सकता है।

भ्रांति :
परिवार में किसी को स्तन कैंसर न हुआ हो तो आपको भी नहीं होगा।

तथ्य :
कैंसर आनुवांशिक नहीं होता। प्रत्येक महिला को स्तन कैंसर का जोखिम होता है।

भ्रांति :
गर्भ निरोधक गोलियों के कारण स्तन कैंसर हो सकता है।

तथ्य :
गर्भ निरोधक गोलियों में हारमोन एस्ट्रोजेन और प्रोटोस्टेरोन की मात्रा कम रहती है। इसलिए इससे जोखिम नहीं है।

भ्रांति :
स्वयं स्तन परीक्षण कैंसर की जाँच के लिए सर्वोत्तम तरीका है।

तथ्य :
स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने के लिए मैमोग्राफी सबसे उत्तम साधन है। स्वयं के हाथों द्वारा महसूस करने लायक गठान बड़े आकार की होना जरूरी है।
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