सौन्दर्यवर्धक: आम का सेवन करने से त्वचा का रंग साफ होता है। रूप में निखार आता है। चेहरे की चमक बढ़ती है। सूखी खाँसी: पके हुए आम को गर्म राख में दबाकर भून कर ठंडा होने पर चूसें, इससे से सूखी खाँसी ठीक हो जाती है। पायरिया: आम की गुठली की गिरी के महीन चूर्ण का मंजन करने से पायरिया एवं दाँत के सभी रोग ठीक हो जाते हैं। हाथ-पैरों में जलन: आम के बौर यानी फल लगने से पहले खिलने वाले फूल रगड़ने से यह जलन मिट जाती है। मधुमेह: आम और जामुन का रस समान भाग में मिला कर कुछ दिनों तक पीने से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है। विषैला दंश: चूहा, बंदर, कुत्ता, मकड़ी, बिच्छू या ततैया काटने पर आम की गुठली पानी के साथ घिस कर लगाने से जलन और पीड़ा में आराम मिलता है। बिच्छू के काटने पर: अमचूर और लहसुन समान मात्रा में पीस कर काटे स्थान पर लगाने से बिच्छू का जहर उतर जाता है। पथरी: आम के ताजा पत्ते छाया में सुखा कर बेहद बारीक पीस लें और आठ ग्राम बासी पानी के साथ प्रात: फंकी लें। पथरी में आराम मिलेगा। |