जलना: आम के पत्तों को जलाकर इसकी भस्म को शरीर के जले हिस्से पर बुरकाएँ। जला हुआ ठीक हो जाएगा। अनिद्रा: रात को आम खाएँ व दूध पिएँ, इससे नींद अच्छी आती है। पेट के कीड़े: आम की गुठली का चूर्ण गर्म पानी के साथ चौथाई चम्मच देने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। पथरी: आम की गुठली को सेंक कर नमक लगाकर प्रतिदिन खाने से राहत मिलती है। दाँतों की मजबूती: आम के ताजा पत्ते खूब चबाएँ और थूकते जाएँ। थोड़े दिनों के निरंतर प्रयोग से हिलते दाँत मजबूत हो जाएँगे, मसूढ़ों से रक्त गिरना बंद हो जाएगा। |