अक्सर लोगों की धारणा होती है कि जो लोग आलसी और सुस्त होते हैं, वे ज्यादा टी.वी देखते हैं और जल्दी ही मोटे हो जाते हैं। खासकर बचपन में जिनकी गतिविधियाँ बहुत कम होती हैं उन पर मोटापा आने की संभावना बहुत अधिक रहती है लेकिन एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि किशोरों में शारीरिक गतिविधियों का मोटापे से कोई संबंध नहीं है।
जोंस हॉपकिंग ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ हैल्थ के शोधकर्ताओं ने किशोरों की शारीरिक गतिविधियों पर अध्ययन करने के बाद पाया कि जो बच्चे कम शारीरिक गतिविधियों में भाग नहीं लेते उनमें इस बात की कोई संभावना नहीं होती है कि वे आगे मोटापे के शिकार नहीं होंगे। 'यूएस जर्नल ऑफ एडोलोसेंट' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक सुस्त किशोरों के काम करने का समय भी नोट किया गया। सिर्फ एक तिहाई लोग ऐसे मिले हैं जिनमें काम का मोटापा से कोई संबंध नहीं पाया गया।