चिकित्सकीय देखभाल हमेशा से ग्राहकों को अपने से दूर धकेलती रही है। आमतौर पर इस मद पर किए जाने वाले खर्च को निवेश से ज्यादा बोझ ही माना जाता रहा है। फिर भी स्वास्थ्य में निजी भागीदारी बढ़ने से जो मास मीडिया प्रचार अभियान शुरू हुआ है, उससे स्वास्थ्य के प्रति जनजागरूकता बढ़ी है और चिकित्सकीय देखभाल के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ है।
उपभोक्तावाद की नई लहर ने इस क्षेत्र को भी प्रभावित किया है तथा इसका सबसे ज्यादा फायदा कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री को मिला है और सबसे ज्यादा आकर्षक व माँग वाला करियर बनता जा रहा है। कुछ बरस पहले मुख और दंत देखभाल की आवश्यकता तब महसूस की जाती थी, जब तकलीफ हद से ज्यादा बढ़ जाती थी। लेकिन तेजी से बढ़ते शहरीकरण, मध्य आय वर्ग में वृद्धि तथा अच्छा दिखने की चाहत ने कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के क्षेत्र में काम करने वालों का काम बढ़ा दिया है, क्योंकि अब कोई भी नहीं चाहता कि वह सामने वालों को अपने पीले-पीले दाँत दिखाकर उपहास का विषय बने। सभी मोती की तरह चमकदार दाँत की इच्छा रखते हैं और उनकी यह इच्छा कॉस्मेटिक डेंटिस्ट के लिए एक तगड़ी कमाई का साधन बनती जा रही है। आत्मविश्वास बढ़ाती है मुस्कान-
कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्स का यह भी मानना है कि यदि आपके चेहरे की भाव-भंगिमाएँ प्रभावशाली हैं तो यह निश्चित ही आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करती है, साथ ही आपके व्यक्तिव में चार चाँद भी लगाती है। जबकि ऊबड़-खाबड़ और मैले दाँत आपके व्यक्ितत्व को शर्मिंदा कर देते हैं। इसलिए अब सभी इससे छुटकारा पाकर अपनी फेस वेल्यू बढ़ाने के लिए कॉस्मेटिक डेंटिस्ट की शरण में जाते हैं।
कारोबार कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का-
इन दिनों कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। अमेरिका में टीथ ब्लिचिंग के काम में पाँच वर्षों में 300 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। भारत के कॉस्मेटिक डेंटिस्ट भी इसी तरह की बूम की अपेक्षा रखते हैं।
हालाँकि हमारे यहाँ इस तरह की वृद्धि को प्रदर्शित करने के लिए किसी तरह के तुलनात्मक आँकडे़ या सर्वेक्षण के परिणाम उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन प्रचार माध्यमों पर कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के विज्ञापन तथा दंत चिकित्सा के प्रति छात्रों के बढ़ते रुझान से इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
विश्व स्तरीय सेवा-
कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के प्रति ग्राहकों की बढ़ती जागरूकता ने कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री का काम बढ़ा दिया है और उनकी लाभप्रदता को भी बढ़ा दिया है, क्योंकि ग्राहक अब चालू काम नहीं चाहता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सेवा चाहता है जिसके बदले उसे 2 हजार से लेकर 25 हजार खर्च कर मुस्कान खरीदनी पड़ती है।
यह मुस्कान भले ही महँगी हो, लेकिन इसमें युवाओं के आत्मविश्वास और लुक में जो वृद्धि होती है वह बेशकीमती है और सबसे बड़ी बात तो यह है कि भारत की कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री विश्व में सबसे अच्छी और सबसे सस्ती है।
देश में कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए द इंडियन अकेडमी ऑफ एस्थेटिक्स एंड कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री (आईएएसीडी) द्वारा सदस्यों के ज्ञान को अपडेट करने के लिए सेमिनार तथा कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाती है तथा टेलर मेड ट्रेनिंग कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं।
इसने डेंटल कौंसिंल ऑफ इंडिया से संपर्क कर कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री के लिए कुछ दिशा-निर्देश तैयार किए हैं, ताकि ग्राहकों को अच्छी तथा विश्वसनीय सेवा प्रदान की जा सके तथा वे नीम-हकीम के चक्कर में पड़े बिना योग्य व प्रशिक्षित कॉस्मेटिक डेंटिस्ट से अपने चेहरे की मुस्कान मे चार चाँद लगवा सकें।
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