ड्यूक विश्वविद्यालय और ज्यूरिक विश्वविद्यालय के मानव विज्ञानियों की नवीन खोज में दावा किया गया है कि जिन प्रजातियों में बड़ा मस्तिष्क पाया जाता है, उनकी उम्र लंबी होती है और उनमें पुनरुपत्ति की संभावना भी अधिक रहती है।
यह खोज उस पुरानी अवधारणा के बिलकुल विपरीत है जिसके अनुसार यह माना जाता रहा है कि बड़े मस्तिष्क वाले प्राणियों में विकास दर काफी धीमी होती है और वे ढंग से पुनरुपत्ति भी नहीं कर पाते। इस खोज के दौरान वैज्ञानिकों ने 28 विभिन्न प्राइमेट (बंदरों से संबंधित) प्रजातियों का अध्ययन किया। इन प्रजातियों में दक्षिण अमेरिकी जंगलों में पाए जाने वाले लेमूर से लेकर मेडागास्कर की जंगली प्रजातियाँ तक शामिल थीं।
ड्यूक डिपार्टमेंट ऑफ बॉयलोजिकल एंथ्रोपोलॉजी एंड एनाटोमी की छात्र नेंसी बेरिकमेन इस मुद्दे पर कहती हैं कि हमने इस शोध के दौरान मस्तिष्क के आकार पर विशेष ध्यान दिया। इसके अलावा बड़े दिमाग वाली प्रजातियों के पूरे जीवन के आचार-व्यवहार का अध्ययन भी किया गया।
यह शोध जर्नल ऑफ मून इवोल्यूशन के ऑनलाइन संस्करण में भी प्रकाशित किया गया है। बेरिकमेन के अनुसार अगर बड़े मस्तिष्क वाली प्रजातियाँ पुनरुपत्ति के लिए वयस्क होने का इंतजार करती हैं तो उनकी विकास दर धीमी रह सकती है अन्यथा ऐसा कोई कारण नहीं है कि उनकी उम्र या पुनरुपत्ति क्षमता पर बड़ा मस्तिष्क कोई नकारात्मक प्रभाव डाले। (न्यूज डेस्क)
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