रक्तचाप कम करने की गोली दी जाती है तो उसे दिल के दौरे की आशंका कम जो चिकित्सक यह कहते हैं कि 80 की उम्र पार करने के बाद ब्लड प्रेशर कम करने की गोली नुकसान पहुँचा सकती है, शायद गलत कहते हैं। नया शोध यह कहता है कि यदि इस उम्र में भी दवा दे दी जाती है तो मृत्यु की दर 21 प्रश तक रोकी जा सकती है। पुराने अध्ययन यह कहते थे कि यदि 80 साल के बाद की उम्र में रक्तचाप की गोली दी जाती है तो वह नुकसान पहुँचा सकती है।
लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के वैज्ञानिक कुछ अलग कहते हैं। उनका कहना है कि यदि 80 साल की उम्र वाले को भी रक्तचाप कम करने की गोली दी जाती है तो उसे दिल के दौरे की आशंका कम हो जाती है। उनका दावा है कि उनके प्रयोग का नतीजा एकदम नया और अप्रत्याशित रहा है। | | नया शोध यह कहता है कि यदि इस उम्र में भी दवा दे दी जाती है तो मृत्यु की दर 21 प्रश तक रोकी जा सकती है। पुराने अध्ययन यह कहते थे कि यदि 80 साल के बाद की उम्र में रक्तचाप की गोली दी जाती है तो वह नुकसान पहुँचा सकती है। |
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अध्ययन में 3845 मरीजों पर परीक्षण किया, जो 13 देशों के थे और जिनकी औसत आयु 83 वर्ष है। ब्लड प्रेशर एसोसिएशन, जो ब्रिटेन की दानार्थ संस्था है, के चेयरमैन प्रो. ग्राहम मॅकग्रेगॉर ने बताया कि यह अध्ययन ब्रिटेन के बुजुर्ग लोगों के लिए खुशखबरी हो सकती है।
हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कहाँ और कैसे सही तरह से रक्तचाप का इलाज हो। ब्रिटेन में इस समय 85 की उम्र के करीब 12 लाख लोग हैं और इनमें से हर 6 में से एक की मृत्यु पक्षाघात से होती है। ( न्यूज डेस्क)
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