क्या आपको समोसे खाने का शौक है, लेकिन स्वास्थ्य की चिंता समोसा खाने से रोकती है तो अब चिंता की कोई बात नहीं। हिमाचल प्रदेश के शुभखेड़ गाँव के लोगों ने हर्बल समोसा तैयार कर लिया है, जिसे खाने से सेहत चंगी रहती है। समोसे की लोकप्रियता इतनी बढ़ रही है कि इसे अमेरिका एक्सपोर्ट करने की तैयारी चल रही है।
आमतौर पर समोसे को तैयार करने में आलू, सब्जियां और मसालों का प्रयोग किया जाता है। लेकिन ग्रामीणों ने अमेरिकी स्वाद को ध्यान में रखते हुए इसमें भरावन के रूप में मशरूम और चीज का इस्तेमाल किया है। वैसे तो यह समोसे खासतौर पर अमेरिका एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार किए गए हैं, लेकिन ये हिमाचल में भी खासे लोकप्रिय हो रहे हैं।
हिमाचल के इस छोटे से गांव में छह महीने पहले हर्बल समोसे बनना शुरू हुए थे जिनमें खासतौर पर मशरूम, चीज और स्थानीय स्तर पर उगाए जाने वाले हर्बल उत्पादों का मसाला डाला जाता है। ये स्वास्थ्यके प्रति चिंतित लोगों के लिए बेहद फायदेमंद हैं। | | ग्रामीणों ने अमेरिकी स्वाद को ध्यान में रखते हुए इसमें भरावन के रूप में मशरूम और चीज का इस्तेमाल किया है। वैसे तो यह समोसे खासतौर पर अमेरिका एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार किए गए हैं, लेकिन ये हिमाचल में भी खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। |
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हिमालयन इंटरनेशनल के प्रोडक्शन मैनेजर अश्विनी कुमार कहते हैं कि हर दिन छः हजार डीप फ्राय समोसे तैयार किए जाते हैं और महीने में दो लाख तैयार किए जाते हैं। प्रारंभिक तौर पर साल में डेढ़ करोड़ समोसे के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि हर्बल समोसे से होने वाली आय का टर्नओवर 10 करोड़ रूपए होगा।
हर्बल समोसे हिमाचल में खासे लोकप्रिय हो चुके हैं। इसके उत्पादकों का कहना है कि वे घरेलु बाजार में भी इसे बड़े पैमाने पर लाने की तैयारी कर रहे हैं। कुमार कहते हैं कि हर्बल समोसे काफी दिन तक ताजे बने रहते हैं। इसलिए इन्हें संभालने का भी टेंशन नहीं है। उल्लेखनीय है कि भारतीय समोसे यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका में काफी पसंद किए जाते हैं।
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