भरपूर नींद का स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर प़ड़ता है, लेकिन नींद में यदि कमी हो जाए तो यह सेहत के लिए ठीक नहीं है। हाल ही में किए गए शोध बताते हैं कि जो बच्चे ठीक से सो नहीं पाते उनमें हिंसक प्रवृत्ति बढ़ जाती है और खुद को घायल करने से भी नहीं चूकते।
रोचेस्टर यूनिवर्सिटी के नर्सिंग स्कूल के शोधकर्ताओं ने 300 महिलाओं और उनके प्री स्कूल में जाने वाले बच्चों पर लगातार ढाई साल तक एक सर्वे किया। उन्होंने पाया कि नींद की मात्रा और हिंसक प्रवृत्ति का गहरा नाता है।
शोध के परिणाम बताते हैं कि प्री स्कूल में जाने वाले बच्चे, जो कम सोते हैं वे उसकी उम्र के भरपूर नींद लेने वाले बच्चों की तुलना में खुद को ज्यादा चोट लगा बैठते हैं।
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