ऑलिव ऑइल या फिर कोकोनट ऑइल का इस्तेमाल भोजन पकाने में करें।
जहाँ तक संभव हो इलेक्ट्रॉनिक चीजों का इस्तेमाल कम ही करें।
गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल लम्बे समय तक न करें।
गर्भनिरोधक के ज्यादा लम्बे समय तक प्रयोग करने से औरतों में स्तन कैंसर या लीवर कैंसर होने का खतरा रहता है। साथ ही यह हृदयघात की सम्भावना को भी बढ़ाता है।
हॉरमोन से संबंधित थैरेपी का प्रयोग कभी न करें। अपने शरीर के वजन को संतुलित रखें।
मोटापे से स्तन कैंसर और मलाशय कैंसर का डर बना रहता है। वातावरण में फैल रहे प्रदूषण से खुद को यथासंभव बचाने का प्रयास करें।
भरपूर नींद लें। सामान्यतः 8-10 घंटे सोना पर्याप्त माना जाता है।
धूम्रपान न करें। न किसी प्रकार के नशे का सेवन करें।
शारीरिक काम करते रहें। खुद को व्यस्त रखें।
रोजाना व्यायाम करें तो और भी बेहतर परिणाम होंगे।
नमक का सेवन संतुलित मात्रा में करें। ज्यादा नमक खाने से पेट का कैंसर हो सकता है।
सबसे अहम बात कि अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखें। ज्यादा भावुक होना भी कैंसर को न्यौता देना है।
आप अगर पौष्टिक आहार ले भी रहे हैं और आप भावनात्मक रूप से कमजोर हैं तो पौष्टिक आहार भी अपना प्रभाव नहीं दिखा पाएगा।