बच्चों के दाँतों के उगने की प्रक्रिया 2-1/2 वर्ष तक जारी रहती है। छोटे बच्चे कुल्ला कर नहीं पाते अतः उनके दाँत बेबी ब्रश या निर्जंतुयुक्त गॉज से स्वच्छ करना चाहिए। बच्चे के मुँह में दो दाँत के आने पर उपरोक्त प्रक्रिया अपनाना श्रेयस्कर रहता है।
ध्यान रहे कि किसी टूथपेस्ट को लगाने से दाँत ज्यादा स्वच्छ नहीं होते। ब्रश को थोड़ा-सा पानी में गीला कर लें एवं उसे दाँतों की सतह पर गोलाई से घुमाएँ। तीन-चार वर्ष की आयु के बच्चे कुल्ला करने लगते हैं। कई बार देखने में आता है कि बच्चे कुल्ला करना जानते ही नहीं है। उन्हें ठीक से सिखाएँ।
6-12 वर्ष के बच्चों को जूनियर ब्रश देना चाहिए। ब्रश करने की विधि दंत चिकित्सक से पूछना उचित होगा। बड़े बच्चों में हम सामान्य ब्रश का उपयोग कर सकते हैं।