किसी ऊँची जगह पर बैठकर लटकाकर पैरों के पंजों को गोल-गोल कई बार घुमाएँ।पैरों की उंगलियों पहले तो अपनी तरपफ खीचें फिर बाहर की तरफ खीचें।एक्यूप्रेशर विधि से भी एड़ी में खून का दौरा बढ़ने से दर्द में राहत मिलती है।रोज दिन में कई बार गर्म पानी से एड़ी की सिकाई करें।एड़ी में दर्द निवारक मरहम लगाएँ।पंजों और एड़ी के जोड़ों तथा मांसपेशियों की कसरत करनी चाहिए।अगर एड़ी में चोट लग जाती है तो इस अवस्था में एड़ी की दस मिनट तक बर्फ से मालिश करनी चाहिए।रोज नमक के गर्म पानी में पैर चलाने की क्रिया करें।एड़ी के दर्द के रोगी को इस रोग से छुटकारा पाने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए।रोगी को वसा रहित आहार लेना चाहिए।ज्यादा तले-भुने खाद्य पदार्थ रोगी को नहीं खाने चाहिए।रोगी को ज्यादा मीठे तले खाद्य पदार्थ भी नहीं खाने चाहिए।अंत में हम यही कहेंगे कि स्मार्ट व छरछरा दिखाई देने के लिए विभिन्न तरीके इस्तेमाल अवश्य करिए पर इस चक्कर में अपनी सेहत से खिलवाड़ कभी भी न करें। याद रखिए सेहत है तो सब कुछ है, फिर यहाँ तो उन एड़ियों की बात हो रही है जिन पर हमारे पूरे शरीर का भार रहता है। |