रक्ताल्पता के कारण महिलाएँ ज्यादा शारीरिक श्रम नहीं कर पातीं। ऐसी स्थिति में वजन और तेजी से बढ़ता है। बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के बाल तेजी से घटने लगते हैं। साथ ही 42-45 वर्ष की महिलाएँ जो मेनोपॉज (मासिक चक्र बंद होने की स्थिति) की अवस्था में होती हैं, उनके भी बाल तेजी से झड़ते हैं। महिलाओं में बालों के स्वास्थ्य के लिए 'एस्ट्रोजन' नामक हार्मोन आवश्यक होता है। गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजनका स्तर अच्छा रहता है, लेकिन बच्चे के जन्म के पश्चात यह स्तर घटने लगता है और बालों का झड़ना प्रारंभ हो जाता है।
यही स्थिति मेनोपॉज के समय होती है। परंतु यदि प्रसव एवं मेनोपॉज के पश्चात भी आयरन एवं कैल्शियम का स्तर शरीर में अच्छा रहे तो बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न नहीं होती। यदि उपरोक्त कारण से बालों की समस्या उत्पन्न हो तो उसे नजरअंदाज न करें एवं तुरंत केश रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। महिलाएँ अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगी तो पोषक तत्वों की कमीजनित बालों की समस्या उत्पन्न ही नहीं होगी।
बालों के लिए टिप्स * दो चम्मच त्रिफला पावडर 2 मग पानी में डालकर अच्छी तरह उबालें। छानकर ठंडा कर लें। इस पानी को 2-3 बार बालों में डालें तथा 5 मिनट बाद शैंपू कर लें। बाल चमकदार व मुलायम बनेंगे।
* डेंड्रफ होने पर त्रिफला के स्थान पर नीम की पत्तियों का पावडर लें एवं उपरोक्त विधि से ही प्रयोग करें। डेंड्रफ की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगेगी।
* आँवले का पेस्ट बालों में लगाकर 20 मिनट रखें फिर शैंपू कर दें। बालों में मजबूती आएगी।
* बालों में सोने के पहले तेल लगाएँ। सुबह उठकर गर्म पानी में टॉवेल डुबाकर, निचोड़कर सर पर बाँधें। 5 मिनट बाद शैंपू को पानी में घोलकर बाल धो लें। तेल के पश्चात दो बार शैंपू करें। इससे आपके बाल चमकीले तथा मुलायम हो जाएँगे।
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