* धूम्रपान करना * शरीर के कफ रिफ्लेक्स कमजोर होना जिससे माइकोस्पिरेशन होता है। * बुजुर्ग अवस्था में फेफड़ेकी क्षमता एवं संकुचन क्षमता का कम होना। * शरीर में कैंसर जैसी बीमारी का होना। * लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना किसी भी दूसरी बीमारी के इलाज के लिए जैसे कि लकवे की बीमारी या हार्टअटैक या दमे का अटैक या फ्रेक्चर इत्यादि।
कैंसर की कीमोथेरेपी बुजुर्गावस्था में यूँ तो कई संक्रमण हमला करते हैं लेकिन किसी और बीमारी का इलाज कराने के समय अस्पताल में रहते हुए भी उन्हें कई बैक्टेरिया और वायरसों के संक्रमण घेर लेते हैं। जैसे- * क्लेबसिएला * सूडोमोनास * एनऐरोबिक माइकोऑर्गेनिस्म * माइको बेक्टिरियम नामक कीटाणु भी फेफड़ों का संक्रमण कर देते हैं।
क्या करें बचाव के लिए * खानपान अच्छा रखना चाहिए। * पौष्टिक खाना लेना चाहिए जिससे शरीर की रोग प्रतिरोध क्षमता ब़ढ़ती है। * अगर शरीर में अन्य कोई बीमारी जैसी मधुमेह, लीवर का कोई असाध्य रोग, आदि हो तो उसका उचित इलाज किया जाना चाहिए। * समय-समय पर अपने चिकित्सक से परामर्श करते रहने चाहिए, कोई भी नया लक्षण नजर आए तो उसकी रिपोर्ट की जानी चाहिए। * फेफड़ों से संबंधित कसरत करना चाहिए।
वैक्सीन का उपयोग करें * इनफ्लुएंजा वैक्सीन * 23 पोलिवेलेंट न्यूमोकॉकल वेक्सिन लगवाना चाहिए * सर्दी-जुकाम का इलाज करवाना चाहिए।
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