* व्यायाम या भागदौड़ का काम करते समय अपनी रेस्क्यू मेडिसिन का इन्हेलर (साल्ब्युटेमाल) अपने पास अवश्य रखें व जरूरत पड़ने पर अवश्य उपयोग करें।
* फलों व सब्जियाँ जिसमें विटामिन 'सी', 'ए' व विटामिन 'डी' हो नियमित सेवन करें। यह शरीर की प्रतिरोधात्मक शक्ति बढ़ाकर नियमित मौसमी बुखार के प्रकोप से बचाता है।
* ऐस्प्रिन अथवा अन्य दर्द निरोधी दवाइयों के उपयोग से पूर्व अपने चिकित्सक से परामर्श कर लें। | | व्यायाम या भागदौड़ का काम करते समय अपनी रेस्क्यू मेडिसिन का इन्हेलर (साल्ब्युटेमाल) अपने पास अवश्य रखें व जरूरत पड़ने पर अवश्य उपयोग करें |
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* एसिडिटी व ज्यादा भोजन करने से बचें। यदि जरूरत हों तो नियमित उपचार करें।
* ठंडे पानी से न नहाएँ।
* तेज ठंड पड़ने पर समुचित सुरक्षा के बाद ही घर से निकलें।
* मानसिक व शारीरिक तनाव से बचें।
दौरा पड़ने पर क्या करें
* अपने चिकित्सक को सूचना दें या उनके द्वारा बताए उपचार को बिना देर किए प्रारंभ करें।
* अपने रेस्क्यू मेडिसिन (साल्ब्युटेमाल) पंप का उपयोग करें।
* घबराएँ नहीं, मानसिक तनाव से बचें। ज्यादा शारीरिक काम करने से बचें, जब तक दौरा खत्म न हो।
* पानी समुचित मात्रा में पिएँ (ज्यादा तेजी से साँस चलने से पानी की कमी हो सकती है)।
* एंटीबायोटिक्स व अन्य दवाइयों का उपयोग चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करें।
* यदि सर्दी-खाँसी है तो उसका सही व समुचित उपचार करें।
* दौरे के बाद ऐलोपैथिक उपचार तुरंत सहायता करता है व जान बचा सकता है। इसलिए अन्य प्रकार की चीजों या उपचारों को न आजमाएँ।
* 30 मिनट के अंदर आराम न पड़ने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल, चिकित्सक से तुरंत मिलें।
* अपने विशेषज्ञों के इमरजेंसी नं. अपने साथ/पास हमेशा रखें।
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