बीमारी के अनुरूप आहार
हर खाद्य पदार्थ में भिन्न-भिन्न पोषक तत्व, भिन्न-भिन्न अनुपात में उपलब्ध रहते हैं। हर बीमारी सुधार लाने के लिए अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
हृदय संबंधी बीमारी में सहतृप्त वसा (घी) नहीं लेना चाहिए, क्योंकि घी शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेबल बढ़ाने में सहायक होता है, अतः अगर इस | तेजी से पैदल चलना। शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि तेजी से चलने पर पसीने के द्वारा शरीर में उपस्थित हानिकारक पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं |
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रोग से पीड़ित व्यक्ति घी व घी से बनी खाद्य पदार्थों का ज्यादा उपयोग करता है तो निश्चित ही उसी बीमारी और तीव्र रूप ले लेगी।
हाईब्लड प्रेशर से ग्रसित व्यक्ति अगर अधिक नमक सेवन करे तो ब्लड प्रेशर और अधिक बढ़ जाएगा।
गलत जीवनशैली
आजकल की भागमभाग की जिन्दगी में हम शरीर को आराम देना भूल ही गए।
पर्याप्त 6-7 घंटे की नींद शरीर को स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक होती है। देर से सोने व पर्याप्त नींद न होने पर बहुत सारी समस्याएँ उत्पन्न हो जाती है जैसे- आँखों में जलन, बाल सफेद होना, माइग्रेन, कब्जियत, गैस बनना, उल्टी होना व थकान रहना इत्यादि। पर्याप्त नींद होने पर हम स्वस्थ महसूस करते हैं व शरीर की कार्य करने की क्षमता भी दुगुनी बढ़ जाती है।
तनाव
तनाव हर बीमारी की जड़ है। व्यक्ति जब भी तनाव में रहता है। उसी समय शरीर में हानिकारक पदार्थ रिलीज होते हैं, जो कि शरीर में टॉक्सीसिटी बढ़ा देते हैं। अतः शरीर स्वस्थ नहीं रह पाता।
एक्सरसाइज
तेजी से पैदल चलना। शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है, क्योंकि तेजी से चलने पर पसीने के द्वारा शरीर में उपस्थित हानिकारक पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। इसके अलावा गहरी नींद, वजन कम करने का यह मूल मंत्र है। एक्सरसाइज से शरीर में इंसुलिन का स्राव भी बढ़ जाता है जो कि डाइबीटिज बीमारी से बचाव करता है।
शरीर से निकालें हानिकारक पदार्थ
हमारी जीवनशैली व आहार ग्रहण करने के तरीके के कारण शरीर में हानिकारक पदार्थ जमा हो जाते हैं। पूर्ण रूप से तो हानिकारक पदार्थ बाहर नहीं निकल पाते पर कुछ बातों का ध्यान रखने तक काफी हद तक हानिकारक पदार्थ शरीर से बाहर निकल सकते हैं।
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