पोषक खाद्य पदार्थों की पर्याप्त जानकारी व सेवन से वृद्ध होने की क्रिया को धीमा किया जा सकता है एवं कई लाइलाज बीमारियों से बचा जा सकता है। उदाहरण के तौर पर विटामिन 'सी' युक्त खाद्य पदार्थ मधुमेह एवं कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों से रक्षा करते हैं। विटामिनयुक्त आहार में एंटी-ऑक्सिडेंट्स भी पाए जाते हैं जो हृदय-रोग, कैंसर, हड्डी-रोग आदि से बचाव करते हैं। इनके संतुलित सेवन से झुर्रियों का आना एवं त्वचा का काला पड़ना कम हो जाता है या किसी हद तक टल जाता है। विटामिन 'ए' युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से आँखों की तकलीफें (रात में कम दिखना, मोतियाबिंद आदि) कम होती हैं, अतः वृद्धावस्था में आहार के संबंध में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें-
* तले हुए पदार्थ जिनसे कोई पोषण न मिले और केवल वजन बढ़े, नहीं लेने चाहिए।
* प्रोटीन एवं विटामिनयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
* प्रोटीन हमें दूध, दूध के पदार्थ, अनाज एवं दाल के मिश्रण (जैसे खिचड़ी/ इडली/ दाल-दलिया आदि) अंडा एवं सोयाबीन से प्राप्त होता है।
* विटामिन-सी नीबू/ आँवला, संतरा/ मौसंबी/ हरी मिर्च/ दही एवं अंकुरित ऊसल में पाया जाता है।
* विटामिन 'ए' दूध, अंडा, पीले फल एवं सब्जियों (आम/ कद्दू/ पपीता) से प्राप्त होता है।
* विटामिन 'ई' हमें दाँतों में एवं तिल्ली, खसखस, बादाम, अखरोट में मिलता है।
* सब्जियों एवं फलों का सेवन अवश्य करें। इनसे एंटी-ऑक्सीडेंट्स एवं रेशे की पूर्ति होती है।
* गैस बनने वाले पदार्र्थ जैसे आलू और कुछ किस्म की दालें, चने आदि का सेवन कम करें।
* पानी खूब पीएँ ताकि कब्जियत न हो।
* नमक की मात्रा सीमित रखें।
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