फ्लेश फ्लाई
वयस्क होने पर यह मक्खी घरेलू मक्खी से बड़ी नजर आती है। यह मृत पशुओं के शरीर या घरेलू कुत्तों की विष्टा पर इल्लीनुमा बच्चे छोड़ देती है जो यहीं से अपना भोजन जुटाते हुए बढ़ते हैं।
ब्लेक गार्बेज फ्लाई
वयस्क मक्खी चमकदार काले रंग की होती है जो आकार में घरेलू मक्खी की 2/3 होती है। यह मुर्गियों की विष्टा और दुधारु पशुओं के गोबर पर बहुतायत से पैदा होती हैं। यह मक्खी घरेलू मक्खियों का शिकार करती है लेकिन इसकी बहुत अधिक संख्या परेशान भी करती है।
कैसे बचें
गंदगी और कूड़े को कम करके इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
घरेलू मक्खी
घरेलू मक्खी 1/6 इंच से 1/4 इंच तक लंबी हो सकती है। इसकी आँखें लाल या भूरी होती हैं। मादा मक्खी आमतौर पर नर मक्खी से लंबी होती है। इस मक्खी के मुँह में सिर्फ चूसने के अंग होते हैं काटने के नहीं। तीन से चार हफ्ते की जिंदगी में एक मादा पाँच से छः बार 75 से 100 अंडे देती है। ये अंडे घर के कूड़ेदान में या यूँही छोड़ दिए गए कूड़े पर दिए जाते हैं। 12 से 24 घंटों अंडे सफेद लार्वे में तब्दील हो जाते हैं। लार्वे चार से सात दिन में बढ़कर प्यूपा में तब्दील हो जाते हैं। गर्म मौसम में अंडे से पूर्ण वयस्क मक्खी बनने में 8से 12 दिन लगते हैं। यदि कोई जोड़ा अप्रैल में प्रजनन शुरू करे तो अगस्त तक इतने अंडे दे देगा जितने समूची धरती को 47 फुट गहरे तक ढँक सकते हैं। शुक्र है कि शिकारियों, पराजीवियों तथा अन्य कारणों की वजह से मक्खियों की आबादी नियंत्रित रहती है। भोजन ग्रहण करने का इसका तरीका भी विचित्र है। यह अपने पेट से तरल पदार्थ छोड़ती है जिससे खाना तरल रसायन में घुल जाता है। मक्खी इसे अपने चूषक से सोख लेती है। यह जहाँ भी जाती है अपनी विष्टा छोड़ती जाती है। जिस खाद्य पदार्थ पर यह बैठती है वहाँ अपनी विष्टा छोड़ती है। इसी प्रक्रिया से बीमारियाँ फैलती हैं। यह 2 से 20 किलोमीटर तक उड़ सकती है।
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