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अपनाएँ सही तरीका दाँतों के लिए
- डॉ. एम.के.शास्त्र

दंत सुरक्ष

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मुख एवं दंत सुरक्षा के लिए दो सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं कि नियमित ब्रश करना और सही टूथपेस्ट या टूथ पावडर का उपयोग करना। पहले बात करें टूथपेस्ट के बारे में- बाजार में विभिन्न कंपनियों के पेस्ट उपलब्ध हैं। टूथपेस्ट में मेडिकेटेट पेस्ट भी बाजार में मिलते हैं जो दाँतों की बीमारी होने व दाँतों की ऊपरी सतह (इनामल) के घिस जाने से ठंडा-गरम लगता है उसके उपचार के लिए होते हैं। इसी प्रकार माऊथ वॉश (कुल्ला करने की दवा) भी उपलब्ध हैं जो अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह अनिवार्य है कि डेंटल एसोसिएशन द्वारा शोध के बाद मानक पेस्ट या पाउडर का इस्तेमाल करें। हमें पेस्ट व पाउडर चुनते समय यह विशेष ध्यान रखना है कि हमारे पेस्ट व पाउडर दरदरे छोटे-छोटे कण वाले न हो जिनसे दाँतों की ऊपरी परत (इनामल) के घिसने का खतरा हो। इसी प्रकार कई लोग कंडे की राख, कोयले का पाउडर, तंबाकू के गुल आदि से दाँतों को ऊँगली से साफ करते हैं। यह हमारे मुँह एवं दाँतों के लिए बहुत ही घातक है व हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसलिए वैज्ञानिक तरीके से बनाए गए सही टूथपेस्ट का उपयोग करना चाहिए।

क्‍या करें

* भोजन में सही मात्रा में विटामिन खनिज हो और आहार पौष्टिक हो।

* चॉकलेट, गोली, मिठाई या चिपचिपे पदार्थ न खाएँ या खाने के बाद एक बार ब्रश अवश्य करें।

* कम से कम दो बार ब्रश करें। रात को सोने के पूर्व नियम से ब्रश अवश्य करें। जिसमें दाँतों में फँसे व मसूड़ों पर चिपके अन्न कण या अन्य भोजन सामग्री निकल जाए और रात को आप स्वस्थ मुँह लेकर सोएँ।

* अगर ब्रश पुराना हो जाए या ब्रश के दातें खराब हो गए हों तो ब्रश तुरंत बदल लें नहीं तो खराब ब्रश आपके मसूडों व दाँतों को नुकसान पहुँचा सकता है।

* दाँतों या मसूडों या मुँह में थोड़ी भी परेशानी हो तो तुरंत दंत चिकित्सक की सलाह लें। बीमारी जल्दी पकड़ी जाने से अधिक सरलता व कम खर्च में ठीक हो सकती है। बीमारी से सावधानी भली।

अब बात करें ब्रश करने के सही तरीके के बारे में। आमतौर पर यह धारणा है कि बहुत ताकत लगाकर बहुत समय लगाकर दाँतों को घिसना चाहिए तभी दाँत साफ हो सकते हैं, यह गलतधारणा है और लोग ब्रश करने के साथ दाँतों से पहलवानी करके अपने दाँतों को खराब करते हैं। सही और वैज्ञानिक तरीके से ब्रश करना चाहिए साथ ही मसूडों की मालिश करना चाहिए व डेंटल फ्लास का उपयोग दाँतों के बीच के स्थान को साफ करने के लिए करना चाहिए।

इस तरह करें ब्र

* ब्रश पर पेस्ट लगाकर मसूड़ों एवं दाँतों के मिलन स्थान एनामल पर रखकर ब्रश को तीन-तीन दाँतों पर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे हर दाँत प
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आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ घुमाएँ यही प्रक्रिया सभी दाँतों के लिए अपनाएँ।

* इसी प्रकार हर दाँत की भीतरी सतह को धीरे-धीरे साफ करें।

* दाँतों की चबाने वाली सतह पर ब्रश को रखकर आगे-पीछे चलाएँ।

* दाँतों के तालू की ओर व जबान की ओर के हिस्से को साफ करने के लिए ब्रश के आगे के सिरे का उपयोग करें।

* जीभ को नियमित साफ अवश्य करें क्योंकि यहीं पर अधिकांश कीटाणु जमे रहते हैं।

* ब्रश करने के पश्चात्‌ अच्छी तरह कुल्ला करें एवं मसूड़ों की हल्की-हल्की मालिश कर फिर से अच्छी तरह कुल्ला करें।

* रात्रि को नियमित रूप से इसी प्रकार संपूर्ण ब्रश की प्रक्रिया दोहराएँ।

* बहुत ताकत व जोर से दाँतों पर ब्रश नहीं करें।

दंत सुरक्षा के कुछ ऊपर दिए गए नियमों का पालन करें और पान, तंबाकू, सिगरेट, गुटखे आदि का सेवन न करें। जरा-सी भी दाँतों की समस्या होने पर तुरंत अपने दंत चिकित्सक की सलाह लें। यदि आप अपने दाँतों की सुरक्षा का ध्यान रखें तो दाँत भी आपके शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए आपके जीवन भर साथ देंगे।
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