सीने में दर्द कई कारणों से हो सकता है। जरूरी नहीं है कि सीने का दर्द हार्ट अटैक का दर्द ही हो। हार्ट अटैक और एंजाइना सबसे गंभीर कारण होता है। अगर आप चालीस वर्ष से ज्यादा उम्र के हैं और आपके सीने में दर्द हो रहा हो तो इस हालत में इस दर्द को हृदय रोग ही माने। हार्ट अटैक के पचास प्रतिशत मरीजों की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मृत्यु हो जाती है।दर्द को पहचानेंमेहनत का कोई कार्य करने पर एंजाइना का दर्द प्रारंभ हो जाता है। इस तरह का दर्द सीने के बीच में होता है। इस तरह का दर्द दोनों हाथ या बाएँ हाथ तक फैलता है। आराम करने पर इस तरह का दर्द ठीक हो जाता है। यह दर्द 5 से 10 मिनट तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराता है। अगर दर्द हार्ट अटैक का है तो यह दर्द करीब आधा घंटे तक मरीज को परेशान करता है। ऐसे में मरीज को बेहद पसीना आता है, उसे उल्टी भी आ सकती है। अगर आपके सामने कभी ऐसी समस्या आ जाए तो कृपया नीचे लिखी बातों पर तुरंत अमल करें।* दर्द का अनुभव होते ही जिस काम में भी आप लगे हो, उसे तुरंत रोक दें।* अगर दर्द होने पर चक्कर आए या सिर में दर्द का अनुभव करें तो समझ जाइए कि आपका ब्लडप्रेशर बहुत ज्यादा लो हो गया है। इस अवस्था से बचने के लिये तुरंत नींबू नमक पानी लेना चाहिए। * अगर दर्द का अहसास खाना खाते वक्त हो तो खाना धीरे-धीरे और रूक-रूक कर खाएँ। और कम खाएँ, भले ही आपको बार-बार खाना पड़े।* सीने में दर्द उठने के साथ-साथ अगर चक्कर या बेहोशी आए तो तुरंत मरीज के दोनों पैर ऊँचा करके मरीज को लिटा दें।* अगर आप दिल के रोगी हैं, हाई ब्लडप्रेशर या डायबिटीज के रोगी हैं तो आपको हर वक्त अपने पास इमरजेंसी फोन नबंर रखना चाहिए। डाक्टर को घर बुलाने से अच्छा होगा कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुँचाएँ जिससे कि मरीज को अचानक मौत (सडन डेथ) से बचाया जा सके। |