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नकारात्मक विचार आते हैं
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प्रः मेरी बेटी 25 वर्ष की है। वह पिछले दो साल से एमवीपी की समस्या से ग्रस्त है और दिनभर उसी के बारे में सोचती रहती है। उसे नकारात्मक विचार आते रहते हैं और वह हमेशा भविष्य के बारे में सोचती रहती है। अब उसकी समस्या यह है कि वह बिना सहारे के चल नहीं पाती। अगर सहारा मिला, तो कई किलोमीटर चल सकती है। साथ में साइकल लेकर चलें, तो चल लेती है लेकिन यदि कोई साइकल को हटा दे, तो वह भयभीत हो जाती है और वहीं खड़ी हो जाती है। यह समस्या उसे पिछले छः महीने से है। डॉक्टर द्वारा एक टेबलेट बताई गई है, लेकिन उसने यह टेबलेट कुछ ही दिन खाई है। कृपया उसकी समस्या का हल बताएँ।

उः आपकी बेटी जिस समस्या से पीड़ित है, उसका अर्थ यह है कि उसके हृदय का एक वाल्व कुछ टेढ़ा है। यह एक साधारण-सा भेद है, जो करीब 2 से 5 प्रतिशत लोगों में पाया जाता है और अक्सर अनजाना ही बना रहता है। कभी किसी मौके से ही यह डॉक्टरी जाँच की पकड़ में आता है। अक्सर इसे अनावश्यक महत्व दिया जाता है जिसके कारण व्यक्ति भयभीत हो जाता है। आपकी बिटिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है।

इन लोगों में घबराहट के लक्षण कुछ ज्यादा हो सकते हैं या ऐसा मानें कि विपरीत परिस्थितिवश घबराहट कुछ ज्यादा हो सकती है। यह सीमित समय के लिए ही होती है और शरीर पर कोई भी दीर्घकालीन विपरीत प्रभाव नहीं डालती है। आपकी बेटी को एक तरह का फोबिया हो गया है, जिसकी दवा तो सही चल रही है लेकिन शायद कुछ और दवाओं व समझाइश तथा व्यवहार में परिवर्तन की भी जरूरत है। आप अपने डॉक्टर से बात करें एवं उनसे आगे इलाज का मार्ग प्रशस्त कराएँ।

- डॉ. दीपक मंशारमानी, मनोरोग विशेषज्ञ
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