मुख्य पृष्ठ > विविध > सेहत > जान है, जहान है
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
फेफड़े को बचाएँ
ये तो हुई खर्च की बातें अब विचार करें कि हमारे शरीर पर तंबाकू व धूम्रपान का कितना नुकसानदायक प्रभाव पड़ता है

* फेफड़ों का कैंसर : सबसे अधिक असर मनुष्य के फेफड़ों पर पड़ता है। 90 प्रतिशत फेफड़ों का कैंसर पुरुषों में और 80 प्रतिशत महिलाओं में होता है।

* मुँह का कैंसर : भारत वर्ष में कैंसर के मरीजों की कुल संख्या में 40 प्रतिशत मरीज मुँह के कैंसर से पीड़ित हैं जिसका एकमात्र कारण धूम्रपान एवं तंबाकू का सेवन है। मुँह का कैंसर अगर प्रारंभिक अवस्था में पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है।

* बर्जर डीसीज : अधिक धूम्रपान से पाँव की नसों में बीमारी पैदा हो जाती है। कभी-कभी तो पाँव भी काटना पड़ जाता है।

* हृदय रोग : स्ट्रोक व हार्ट अटैक की अधिक संभावना रहती है। धूम्रपान से उच्च रक्तचाप व कार्डियोवेस्कूलर बीमारियाँ अधिक होती हैं।

* मोतियाबिंद : धूम्रपान करने वालों में मोतियाबिंद होने की 40 प्रतिशत अधिक संभावना रहती है।

* बहरापन : धूम्रपान करने वाले की सुनने की शक्ति कम हो जाती है। बहरेपन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

* पेट की बीमारी : पेट में छाले हो जाते हैं, स्मोकर्स अल्सर का इलाज कठिन है एवं ये छाले बार-बार होते हैं।

* हड्डियों के रोग : आस्टियोपोरोसिस होता है, हड्डी की डेन्सिटी कम हो जाती है। फ्रेक्चर होने की स्थिति में हड्डी जुड़ने में 80 प्रतिशत अधिक समय लगता है।

* चेहरे पर झुर्रियाँ : धूम्रपान करने वाले की चेहरे की चमड़ी समय से पूर्व बूढ़ी हो जाती है क्योंकि चमड़ी का लचीलापन कम हो जाता है व आदमी उम्र से पहले बूढ़ा होने लगता है।

* मुँह के अन्य रोग : दाँतों की बीमारियाँ, मसूड़ों की बीमारी, साँस में बदबू, दाँतों में सड़न व अन्य मुँह के रोग धूम्रपान एवं तंबाकू खाने वाले को अधिक होते हैं।

इसी प्रकार महिलाओं में गर्माशय का कैंसर, गर्भपात या जन्म के समय समस्या/पुरुषों में व महिलाओं में जनन शक्ति की समस्या भी पैदा हो सकती है। पुरुषों में ब्लेडर का कैंसर भी हो सकता है।
<< 1 | 2 
और भी
दिल क्‍यों होता है बीमार?
पक्षाघात का आघात
ऑस्टियोपोरिसस से बचें
रक्तदान नहीं होता खतरनाक
सिरदर्द का कारण जानें
जान बच सकती है एमआरआई जाँच से