आपको नींद न आने की किस प्रकार से जुड़ी समस्या है, इसके आकलन के लिए इन बातों पर विचार करना आवश्यक है-
* नींद आने में बाधा। * सोए रहने में असफलता, जिसमें आदमी बार-बार जाग जाता है। * सुबह जल्दी आंख खुल जाना व दोबारा सोने में दिक्कत। * परिवार में अनिद्रा की पूर्व समस्या। * अनिद्रा का मनुष्य पर प्रभाव, यानी दिन में यह महसूस होना कि नींद पूरी नहीं हुई। * नींद की गुणवत्ता का आकलन। क्या मरीज उठने पर तरोताजा महसूस करता है या थका रहता है? * नींद आने से पहले व्यक्ति की दिनचर्या। * सोते समय मरीज क्या सोचता और महसूस करता है। * क्या मरीज के सोने की प्रक्रिया सामान्य है? * सोने से पूर्व मानसिक गतिविधियों की उत्तेजना भी नींद में बाधा पहुंचा सकती है।
अल्पकालिक जागरण या निद्रा दोष तीन हफ्तों तक जारी रहने वाली अनिद्रा की अवस्था को ट्रांजियंट इनसोम्निया कहा जाता है। यह निद्रा में बाधा की एक अल्पकालिक अवस्था है, जिसका मुख्य कारण मानसिक संघर्ष, अपरिचित या नया वातावरण, भावनात्मक सदमा, प्रियजनों की मृत्यु, तलाक या नौकरी में बदलाव आदि हो सकते हैं।
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