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विश्व किडनी दिवस आज
मरीज भ्रम में पड़कर खराब कर लेते हैं किड़नी
दस साल पहले ही लगा सकते हैं पता
मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश अग्रवाल के अनुसार किडनी को क्षति पहुँचाने में डायबिटीज दूसरा प्रमुख कारण है। डायबिटीज के साथ इस परेशानी को भी कम किया जा सकता है। डायबिटीज के रोगी किडनी खराब होने के 10 साल पहले ही उचित जाँच से यह बात पता कर सकते हैं। यदि किसी को ब्लड प्रेशर और डायबिटीज दोनों है तो किडनी को क्षति पहुँचने की संभावना और भी बढ़ जाती है। ऐसे में उचित सलाह और ध्यान रखकर किडनी की सुरक्षा की जा सकती है।

किडनी संबंधी समस्या को बढ़ाने के कुछ खास कार
* अंधविश्वास
* ज्ञान की कमी
* लापरवाही
* उचित उपचार की कमी
* आर्थिक अक्षमता
* ऑपरेशन आदि को लेकर मन में डर
* समय पर जाँच न करवाना
* संकोची व सहनशीलता
* मेडिकल इंश्योरेंस की ओर ध्यान न देना

खराब किडनी के दो ताजा उदाहरण :

केस 1
ND
आनंदीलाल पाटीदार को पेट में असहनीय पीड़ा होती थी। वे गाँव में डॉक्टर को दिखाते और एक इंग्जेक्शन से उनका दर्द कुछ दिनों के लिए खत्म हो जाता। यह क्रम दो सालों तक चलता रहा। बाद में तकलीफ और भी बढ़ गई और उन्होंने उचित डॉक्टर को दिखाकर जाँच कराई।

पता चला कि दोनों किडनियों में पथरी हो चुकी है जिस कारण न केवल किडनी पर सूजन थी बल्कि उसने सही तरीके से काम करना भी बंद कर दिया था। इन्हें डायलिसिस पर लाया गया और बाँई ओर की किडनी में जमा पस निकाला गया और अंत में उस किडनी ने काम करना बंद कर दिया।

केस 2
ND
आजाद कुमार वर्मा को पथरी के कारण पेट में दर्द होता था। उन्होंने पथरी निकालने वाले कई तथाकथित लोगों से इलाज कराने की कोशिश की। यह क्रम 5 साल तक जारी रहा। कई बाबाओं ने तो उनके हाथ में कंकड थमाकर कहा कि 'यह रही तुम्हारे पेट की पथरी'।

जब दर्द और परेशानी चरम पर पहुँची तो वर्मा ने डॉक्टरी सलाह लेना ही बेहतर समझा। पर इलाज में देर हो चुकी थी। किडनी में फँसी 30 एमएम की पथरी तो निकल गई पर उनकी वह किडनी लगभग पूरी खराब हो चुकी है। आज उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ कि पाँच साल में शरीर का जो नुकसान हुआ वह कैसे पूरा किया जाए।

यह केवल दो उदाहरण मात्र नहीं हैं। यह तो वह सच है जो हमारे आस-पास न जाने कितनी बार दिखाई दे जाता है और हम उसे देख कर भी अनदेखा कर देते हैं। पढ़े-लिखे लोग भी लापरावाही और अंधविश्वास के आगे अपनी बीमारी के बजाए शरीर की बली चढ़ा देते हैं। बडी-बड़ी तकलीफों को भी कई लोग सहनशीलता का नाम देकर अनदेखा कर देतें हैं परिणामस्वरूप उन्हें जीवन भर के लिए अपने स्वस्थ्य शरीर के सुख से वंचित रहना पडता है।

साप्ताहिक शिविर
विश्व किडनी दिवस के उपलक्ष्य में यूरोलॉजी क्लीनिक यूरोकेयर में संपूर्ण यूरोलॉजी चेकअप किया जा रहा है। बुधवार को शुरू हुए इस साप्ताहिक शिविर के पहले दिन इंदौर व आस-पास के 60 से अधिक रोगियों की जाँच की गई। आगामी दिनों में भी यहाँ नाममात्र शुल्क पर विशेष जाँच की जाएगी।
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