सामग्री : 1 लीटर दूध, आधा लीटर पानी, 500 ग्राम चीनी, 100 ग्राम बादाम की गिरी, 100 ग्राम पिस्ता, 20-25 दाने काली मिर्च, 5-6 देशी गुलाब की पत्तियाँ या गुलकंद, 5 ग्राम इलायची के दाने, थोड़ी सी केसर व गुलाब जल। | | बनारसी ठंडाई की विधि से ठंडाई को कई स्वादों में बनाकर आप पी सकते हैं। सामग्री वही रखते हुए बनारसी ठंडाई में दो कप ताजा क्रीम या मलाई की मात्रा बढ़ा लें। जब पेश करें तो गिलासों को मलाई से सजा दें। यह मलाईयुक्त ठंडाई कुछ अलग ही स्वाद देगी। |
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विधि : 5-6 घंटे पहले बादाम और पिस्ता को ठंडे पानी में भिगो दें। गुलाब की पत्तियाँ, काली मिर्च व इलायची के दाने अलग भिगो दें। जब बादाम और पिस्ता भीग जाए तो उनका छिलका उतारकर सिल पर अलग-अलग महीन पीस लें। शेष भिगी हुई सामग्री को भी पीस लें।
दूध, पानीऔर चीनी का मिश्रण बनाकर रख लें। पिसी हुई सारी सामग्री को मिलाकर एक साफ छनने वाले कपड़े पर रखें। अब दूध वाले मिश्रण को थोड़ा-थोड़ा डालकर हाथ से रगड़ते हुए छानें। ऊपर वाले मिश्रण को दो या तीन बार छान लें। गुलाब जल में केसर घोंट लें। घुटी हुई केसर भी छनी हुई ठंडाई में मिला लें। अब दो बर्तन की सहायता से ठंडाई को फेंट लें। खूब ठंडी करके पीएँ-पिलाएँ।
बनारसी ठंडाई की विधि से ठंडाई को कई स्वादों में बनाकर आप पी सकते हैं। सामग्री वही रखते हुए बनारसी ठंडाई में दो कप ताजा क्रीम या मलाई की मात्रा बढ़ा लें। जब पेश करें तो गिलासों को मलाई से सजा दें। यह मलाईयुक्त ठंडाई कुछ अलग ही स्वाद देगी।
फलों की ठंडाई बनाते समय आप सामग्री से दूध हटा लें। यदि आप अंगूर की ठंडाई बना रही हैं, तो अंगूर अच्छी किस्म के मीठे लें। इन्हें धोकर चम्मच से कुचल कर तीन-चार घंटे तक भिगो दें। मिक्सर में चलाकर ठंडाई के साथ छान लें।
अंगूरी आभा लिए इस ठंडाई को आप किसी भी ऋतु में बना सकती हैं। फालसा, अनन्नास, कसेरू, आम आदि फलों की ठंडाई बनाते समय आप गुलकंद या गुलाब की पत्तियाँ न डालें। इन दिनों दिलो-दिमाग की ताजगी व शक्ति के लिए पाँच मगज की ठंडाई भी खूब पी जाती है।
इस ठंडाई में खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, कद्दू व पेठा के छिलके रहित बीज, खसखस के दाने, मोटी सौंफ, काली मिर्च, गुलकंद सबको भिगोकर पीसकर छाना जाता है।
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