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चांद नवाबों के बीच हम

मंगलवार,अगस्त 4, 2015
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कीनिया में मारे गए 147 छात्रों के लिए न हमने मोमबत्तियां जलाईं, न ही हमारी आँखों से दो बूँद आंसू के छलके, न ही इस हत्या ...
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संवाद के अवसर हों, तो बातें निकलती हैं और दूर तलक जाती हैं। मुस्लिम समाज की बात हो तो हम काफी संकोच और पूर्वग्रहों से ...
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एग्जिट पोल्स के नतीजों को देखें तो अरविन्द केजरीवाल ने अपनी पार्टी को दिल्ली का सबसे बड़ा “पॉवरहाउस” बना दिया है। महज दो ...
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एक थी शहजादी...

शनिवार,दिसंबर 27, 2014
वो एक डॉक्टर थी जो उस दिन अपने दफ्तर से घर आ रही थी। अचानक कुछ ऐसा हुआ कि आस-पास की जमीन तक थरथरा गई। उस पर एसिड से ...
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रोचक अंदाज में 'मीडिया लाइव'

शनिवार,दिसंबर 27, 2014
रत्नेश्वरसिंह अपनी पुस्तक 'मीडिया लाइव' में ने इलेक्ट्रानिक मीडिया यानी टेलीविजन, रेडियो और बेवसाइट्स को एतिहासिकता में ...
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मीडिया भी सीखे 'कुछ' सबक

बुधवार,दिसंबर 24, 2014
सबको सीख देने वाला मीडिया अपनी गति के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी कमियों को जानने और परखने का माद्दा भी रखता है। शायद इसलिए ...
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नई दिल्ली। इंस्टेंट कमेंट्स, इंस्टेंट रिएक्शंस, लाइक्स, अनलाइक्स, इंस्टेंट एवरीथिंग। हम आजकल इसी इंस्टेंट काल में जी ...
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सन् 2005 से हिन्दी ब्लॉगिंग में अपनी सक्रियता के नाते मैंने भी अनेक अवसरों पर कहा है कि ब्लॉगिंग साहित्य की एक स्वतंत्र ...
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एक बात, जो प्रायः मुझे उलझन में डालती है, वह है हम हिन्दी ब्लॉगरों के बीच स्वयं को साहित्य-सर्जक कहलाने की आकांक्षा। यह ...
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हिन्दी ब्लॉगिंग ने न सिर्फ इंटरनेट, बल्कि जनसंचार के माध्यमों तथा रचनाकर्म के बीच भी अलग पहचान और जगह बनाई है। हिन्दी ...
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विनोद दुआ का क्लारनेट

शुक्रवार,अक्टूबर 10, 2014
सन 1987 का स्मृति बक्सा खोलने से पहले 15 अगस्त 2014 का एक छोटा सा प्रसंग बताता हूं। इस दिन राष्ट्रपति भवन में सायंकाल ...
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एक थी अमीना। वह हर रोज़ आधी रात तक अपने शौहर अहमद का इंतज़ार किया करती थी। अहमद यारों की महफ़िल से लौटता, घर पहुंच कर ...
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बहुत से लोग आम आदमी तक पहुँचने के लिए सोशल मीडिया और दूसरे संवादात्मक माध्यमों के इस्तेमाल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...
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अख़बार या बाहुबली

गुरुवार,सितम्बर 25, 2014
बाहुबली! जो अपनी शक्ति के नशे में इतना चूर हो कि दूसरों पर हमला करना वह अपना अधिकार समझने लगे। कुछ क्षेत्रीय स्तर के ...
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लोकसभा चुनाव 2014 में राजनीतिक पार्टियों और नेताओं का भविष्य दांव पर लगा हुआ है इसके साथ साथ बहुत कुछ कसौटी पर है, ...
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जो दुनिया हम बना रहे हैं...

शनिवार,सितम्बर 6, 2014
1980 में प्रकाशित अपनी किताब ‘द थर्ड वेव’ में ऐल्विन टॉफलर ने लिखा है कि मानव सभ्यता के इतिहास में पहली लहर कृषि ...
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मोदी अपने ऑडियंस को भलीभांति जानते हैं। जिनको भी इस बात की शिकायत थी कि मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद बहुत कम बात करते ...
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गंगा बहती हो क्यों..?

शुक्रवार,अगस्त 29, 2014
नदियां और सभ्यता संस्कृति के बीच संबंधों को लेकर सबने कुछ न कुछ जरूर पढ़ा-सुना होगा। स्कूलों में तो भूगोल कि किताबों ...
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर हमेशा यह चर्चा रहती है कि मीडिया को लेकर वह बहुत सहज नहीं हैं, खासकर ख़बरिया टेलीविज़न ...
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