Widgets Magazine

कठोर परवरिश से बच्चों में बढ़ता आलस्य और मोटापा

WD|
FILE

नई स्टडी से पता चला है कि माता-पिता की का बच्चों की पर खास प्रभाव पड़ता हैं। माता-पिता का बच्चों के का कारण बनता है।
हाल ही में 0 से 11 वर्ष तक के कैनेडियन बच्चों पर हुई रिसर्च से यह बात सामने आई है कि जो माता-पिता अपने बच्चो से प्यार से बात करके कोई भी फैसला लेते हैं, उनके बच्चे ज्यादा स्वस्थ और फुर्तीले होते हैं। जबकि जो माता-पिता अपने फैसले बिना किसी सलाह के अपने बच्चों पर थोपते हैं वे बच्चे काफी अकेलेपन महसूस करने लगते हैं और इसका नतीजा बच्चों में आलस्य और मोटापे के रूप में सामने आता है।
लीसा काकीनामी जो कि मैकगिल यूनिवर्सिटी की पोस्ट डॉक्टोरल एपिडेमियोलॉजिस्ट हैं, उनका कहना है कि अधिकतर माता-पिता सही परवरिश की ओर ध्यान नहीं देते हैं और वे इस बात को ज्यादा महत्व भी नहीं देते हैं। अगर बच्चो को संतुलित परवरिश दी जाए तो उन्हें मोटापे और आलस्य जैसी बीमरियों से बचाया जा सकता है।

इस शोध में एक सर्वे में कुछ माता-पिता से बात की और अलग-अलग परवरिश के तरीकों की लिस्ट बनाई और फिर बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) प्रतिशत से इसका विश्लेषण किया। काकीनामी का कहना है कि घर के माहौल से भी बच्चों की सेहत एवं आदतों को आकार मिलता है।

वेबदुनिया हिंदी मोबाइल ऐप अब iOS पर भी, डाउनलोड के लिए क्लिक करें। एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें। ख़बरें पढ़ने और राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :