मुख्यमंत्री शिवराज बोले, मप्र में सुरक्षा का ऐसा वातावरण बनाएं...

Last Updated: शुक्रवार, 10 नवंबर 2017 (17:52 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से राज्य में सुरक्षा का ऐसा वातावरण बनाने को कहा है, जिसमें महिलाएं एवं बेटियां स्वतंत्र रूप से, निडर होकर कहीं भी, कभी भी आ-जा सकें।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की रोकथाम के प्रयासों की गुरुवार शाम समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, महिलाओं के प्रति विकृत मानसिकता सामाजिक बुराई है। इसके विरुद्ध समाज, सरकार और पुलिस मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा, प्रदेश में ऐसा वातावरण बनाएं, जिसमें महिलाएं, बेटियां स्वतंत्र रूप से कहीं भी, कभी भी आ-जा सकें। उन्होंने कहा कि जनजागृति अभियान चलाकर इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जाए।

इस समीक्षा बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव बीपी सिंह और पुलिस महानिदेशक आरके शुक्ला सहित कई अधिकारी मौजूद थे। चौहान ने कहा, महिला सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रति सोमवार महिला अपराधों की उच्चस्तरीय समिति द्वारा समीक्षा की व्यवस्था की जाए। प्रत्‍येक जिले में एकल खिड़की केन्द्र सेंटर स्थापित हों। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा से संबंधित योजनाओं और रणनीति पर विचार कर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

चौहान ने कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था हो। सार्वजनिक वाहनों में जीपीएस और कैमरे लगवाएं जाएं। महिलाओं के आवागमन की बहुतायत वाले संवेदनशील स्थानों की गश्ती और डायल 100 सेवाओं के उपयोग की प्रभावी रणनीति बने। आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं, भरपूर प्रकाश की व्यवस्था हो, ताकि महिलाओं और आम जनता का आत्मविश्वास मजबूत हो।

दुराचारी मानसिकता की समस्या से निपटने के लिए विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर कार्ययोजना बनाने तथा इस दिशा में संवेदनशीलता से कार्य करने की जरूरत पर चौहान ने जोर दिया। उन्होंने कहा, विशेषज्ञों के माध्यम से गुड टच और बैड टच, दुराचार आदि की जानकारी बच्चों को दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं के वाहनों के चालकों, परिचालकों का सत्यापन करवाना, कन्या और महिला छात्रावासों, अनाथालयों, संप्रेषण गृहों आदि के प्रभारियों को महिलाओं की गरिमा के प्रति और अधिक संवेदनशील बनाना समय की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे धार्मिक स्थल, महिला विद्यालय, छात्रावास और उनके आवागमन के स्थलों के निकट स्थित शराब की दुकानों की जानकारी एकत्र करें, ताकि उनको बंद करने की नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। चौहान ने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा का स्थाई भाव पैदा करने के लिए वे स्वयं महिलाओं के साथ संवाद करेंगे। (भाषा)

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