पाक की हरकत का जवाब देना सेना जानती है : लांबा

इंदौर| पुनः संशोधित गुरुवार, 11 मई 2017 (20:26 IST)
इंदौर। अरविंदरसिंह लांबा ने कहा है कि अगले 10 वर्षों में भारत इतना ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा कि आज उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है। द्वारा सीमा पर जो भी हरकत दी जाती है उसका जवाब कब कैसे देना है, यह सेना जानती है।
लांबा गुरुवार को यहां द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन व्याख्यानमाला में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के लिए चीन से बड़ा पावर स्टेशन बनना जरूरी है। हमारे पास चार उपलब्धियां हैं। 20 वर्ष पूर्व आईटी क्षेत्र में भारत जिस तरह पूरे विश्व के सामने आया था, वह एक बड़ी उपलब्धि रही है। हमारी दूसरी उपलब्धि स्पेस कार्यक्रम है। इसके बाद हमारी उपलब्धि हमारे देश के युवा हैं। पूरा विश्व जानता है कि जिस दिन भारत का युवा काम में लग जाएगा, उस दिन उसकी ताकत का कोई मुकाबला नहीं कर सकेगा। इसके बाद हमारी चौथी ताकत हमारी सेना है।
उन्होंने कहा कि अगले 10 वर्ष में भारत इतना ज्यादा शक्तिशाली हो जाएगा कि हमारे बगैर चीन भी दुनिया में बैलेंस नहीं बना पाएगा। पिछले सालों में पाकिस्तान के साथ जितनी भी लड़ाई हुई है, हर लड़ाई भारत ने जीती है। अभी जो समस्याएं हैं उनका हल इन दोनों देशों को ही ढूंढना होगा। कश्मीर को लेकर पाकिस्तान ने जो नीति अपना रखी है वह स्पष्ट है। सीमा क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा जब भी जो भी हरकत की जाती है तो देश को यह भरोसा रखना चाहिए कि पाकिस्तान को उसके हरकत का माकूल जवाब देने में सेना सक्षम है। सही समय पर सही तरीके से वह पाकिस्तान को सही जवाब देगी। जहां तक पाकिस्तान द्वारा समय-समय दी जाने वाली परमाणु हमले की धमकी का प्रश्न है तो यह जान लेना चाहिए कि परमाणु हथियार भारत के पास भी हैं और यह जो बैलेंस है वही परमाणु हथियारों का उपयोग न करने देने की स्थिति बनाता है।
लांबा ने कहा कि भारत को अपने पड़ोसी छोटे देशों नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, भूटान को अपने भरोसे में लेना चाहिए। छोटे देशों को दूसरे देश धमकाते हैं और भारत का डर दिखाते हैं जब हम इन देशों को अपने करीब रहेंगे तो फिर अन्य देश हमारे इन पड़ोसी छोटे देशों को बरगला नहीं सकेंगे।

चीन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वह एक बड़ा पावर स्टेशन है उससे सतर्क रहना हमारे लिए जरूरी है। भारत में अरुणाचल प्रदेश पर चीन बार-बार आपका अधिकार जता रहा है। दरअसल, चीन ने यह नीति बना ली है कि एक झूठ को सौ बार बोलो तो एक समय पर सभी उसे सच मानने लगेंगे। चीन के लिए लक्ष्य भारत नहीं बल्कि अमेरिका है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में लांबा का स्वागत संतोष व्यास, सुरेश मिश्रा, मुनीर भाई व प्रवीण जोशी ने किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील मकोड़े ने किया। आभार प्रदर्शन अशोक जायसवाल ने किया। अतिथि को स्मृति चिन्ह अभ्यास मंडल के संस्थापक मुकुंद कुलकर्णी ने भेंट किया।

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