लव-मंत्र : मोहब्बत में कैसा हो मनी मैनेजमेंट


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आजकल बड़े शहरों में शादी के बाद कम समय में ही तलाक और आपसी खटपट के आंकड़ें बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारणों में से एक कारण मियां-बीवी के पैसों के उपयोग से जुड़ा हुआ है। आज के समय शहरों में पति-पत्नी दोनों ही कामकाजी होते हैं। अक्सर यह देखा गया है कि पति-पत्नी अपने पैसों के उपयोग और उसकी बचत को एक-दूसरे से शेयर नहीं करते।
 
> > वे यह सोच लेते हैं कि अगर वे कमाते हैं तो उसे खर्च करने का पूरा अधिकार सिर्फ उनका है। इसके बारे में अपने साथी को बताना वे जरूरी नहीं समझते। यही बात आगे चलकर उनकी आपसी कलह का कारण बन जाती है। अगर आप भी आने वाले समय में शादी के बंधन में बंधने वाले हैं तब नीचे लिखी कुछ बातों का ध्यान रखें ताकि शादी के बाद आपके प्यार में पैसे न बनें दरार। 
 
1. इस समस्या का मुख्य कारण है यह सोच कि आपके पैसों पर सिर्फ आपका हक है। अगर आपका भी यही सोचना है तब सबसे पहले अपनी सोच को बदलिए। और निश्चय कीजिए कि आप मिल कर उन पैसों का सही उपयोग करेंगे। 
 
2. इस विषय पर आपस में बात न हो पाना इस समस्या का दूसरा अहम कारण है। इसके लिए आवश्यक है कि दोनों शादी के पहले इस विषय पर बात करें और एक-दूसरे को अपने खर्चों, तरीकों और भविष्य के निवेश के बारे में बताएं। इससे आपकी आपसी समझ भी बढ़ेगी और आपका रिश्ता भी मजबूत होगा। 
 
3. शादी के समय और शादी के बाद दोनों मिलकर अपने दायित्व को पूरा करें। दोनों मिलकर अपने भविष्य से जुड़े वित्तीय निर्णय लें। हर महीने का बजट तैयार करें और उसी के अनुसार खर्च करें। 
 
4. तेरे-मेरे पैसे, खर्चे और उपयोग की जगह हमारे पैसे, खर्चे और उपयोग का ध्यान रखें। 
 
5. दोनों एक-दूसरे को अपनी अपनी सैलेरी डीटेल, बोनस, इंसेन्टिव के बारे में जरूर बताएं। 
 
6. एक-दूसरे से छिपा कर कोई बड़ा खर्च और निवेश न करें। किसी भी लोन, प्रॉपर्टी लेने और निवेश करने से पहले अपने साथी की राय जरूर लें, विचार-विमर्श करें। 
 
7. अगर शादी से पहले आपने कोई लोन लिया है तो उस बारे में अपने पार्टनर को जरूर बताएं। 
 
8. भविष्य के लिए हमेशा कुछ बचत करें, क्योंकि कल किसी ने नहीं देखा है। अगर भविष्य में कुछ अनहोनी होती है तब यही बचत आपके काम आएगी। सिर्फ अनहोनी के लिए ही नहीं अपने और अपने बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए भी बचत जरूरी है। 
 
9. पैसों की बचत का एक मूल मंत्र हमेशा याद रखें कि 'जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाएं' किसी की देखा-देखी फिजूल खर्च न करें और न ही अपने साथी से फिजूल और महंगी वस्तुओं की डिमांड करें।
 
10. आप दोनों मिलकर अपने लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने का प्रयास करें। सारे निर्णय एक-दूसरे से बा‍त करके ही लें क्योंकि आप दोनों जीवन रथ के दो पहिए की तरह हैं अगर दोनों अलग-अलग चलेंगे तो भला जीवन रूपी यह रथ आगे कैसे बढ़ेगा।
 
अत: शादी के बंधन में बंधने से पहले इन बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि आपके प्यार भरे रिश्ते में पैसों के कारण ग्रहण न लगे।


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