क्या राहुल गांधी प्रधानमंत्र‍ी बन सकते हैं? जानिए सितारे


फाल्गुन मास के आते ही की सुगबुगाहट प्रारंभ हो गई है। देश शनै:-शनै: लोकतंत्र के इस महापर्व की ओर अग्रसर हो रहा है। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आ रहा है, हर देशवासी के मन में राजनेताओं, दलों व आगामी सरकार को लेकर तीव्र उत्कंठा हो रही है।
2019 में संपन्न होने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार किसकी बनेगी? अगला प्रधानमंत्र‍ी कौन होगा? क्या महागठबंधन सफलता प्राप्त करेगा? इन यक्षप्रश्नों का उत्तर आज देश का हर वर्ग ढूंढ रहा है। लेकिन अगले प्रधानमंत्र‍ी को लेकर कुछ अधिक ही उत्सुकता दिखाई दे रही है, विशेषकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में। आज सभी यह जानना चाहते हैं कि क्या राहुल गांधी देश के अगले प्रधानमंत्र‍ी होंगे? आइए, की दृष्टि से इस प्रश्न का समाधान प्राप्त करने का प्रयास करते हैं-
राहुल गांधी के सितारे-

राहुल गांधी की कुंडली मकर लग्न की है जिसके स्वामी शनि हैं। शनि सत्ता के नैसर्गिक कारक हैं। राहुल गांधी की कुंडली में शनि लग्नेश होने के कारण अतिमहत्वपूर्ण ग्रह हैं। राहुल गांधी की राशि वृश्चिक है जिसके अधिपति मंगल हैं। राहुल गांधी की जन्म पत्रिका में शनि केंद्र में नीचराशिस्थ होकर स्थित हैं जिसके प्रभाव से उन्हें अपने जीवन में स्थापित होने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा।
राहुल गांधी की कुंडली में शनि की उच्च दृष्टि कर्मक्षेत्र पर है, जो अत्यंत शुभ है। इसके प्रभाव से वे कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सफलता प्राप्त करेंगे। राहुल गांधी की कुंडली में शुक्र कर्मक्षेत्र का कारक होकर शत्रुक्षेत्री है, जो उनके लिए सत्ता प्राप्ति में अवरोध व विलंब का कारण बनेगा। अथक परिश्रम के उपरांत भी वे अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

सप्तम भाव में अकेला शुक्र उन्हें दांपत्य सुख से वंचित कर रहा है। चतुर्थेश मंगल का 6ठे भाव में स्थित होना उन्हें जनता की लोकप्रियता से भी वंचित करता है। इसके परिणामस्वरूप वे जनमानस को प्रभावित करने में अधिकतर असफल रहते हैं। वर्तमान में राहुल गांधी चन्द्र की महादशा व लग्नेश शनि की अंतरदशा के प्रभाव में हैं, जो मार्च 2019 तक चलेगी। यह अंतरदशा उनके लिए शुभ है। इसी दशा के प्रभाव से उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 3 बड़े राज्यों में सत्ता में अपनी वापसी की है।

किंतु यह दशा 1 मार्च 2019 को समाप्त हो रही है। इसके पश्चात बुध की दशा प्रभावशील रहेगी। बुध राहुल गांधी की जन्म पत्रिका में षष्ठेश व भाग्येश होकर पंचम स्थान में स्थित है। लोकसभा चुनाव के समय प्रत्यंतर भी बुध का ही रहेगा। षष्ठेश का पंचम भाव में स्थित होना उनके लिए हानिकारक सिद्ध होगा अत: वर्तमान ग्रह स्थितियों में राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनावों में सफल होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। उनकी जन्म पत्रिका के आधार पर वर्तमान दशाओं के संकेत अनुसार उन्हें प्रधानमंत्र‍ी का पद मिलता प्रतीत नहीं हो रहा है।
(घोषणा : उपर्युक्त विश्लेषण राहुल गांधी की उपलब्ध कुंडली के आधार पर दिया गया है। हम प्राप्त कुंडली की प्रामाणिकता का दावा नहीं करते हैं।)

-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केंद्र
संपर्क: [email protected]
(इस लेख में व्यक्त विचार/विश्लेषण लेखक के निजी हैं। इसमें शामिल तथ्य तथा विचार/विश्लेषण वेबदुनिया के नहीं हैं और वेबदुनिया इसकी कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती है)


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